📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
सिक्किम के मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण व जलीय जैव विविधता की सुरक्षा पर ज़ोर दिया
✍️ The Statesman
🗓 12 अक्टू. 2026, 04:01 AM
👁 40
सिक्किम के मुख्यमंत्री ने राज्य की नदियों और उनके जलीय पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए त्वरित संरक्षण कदमों की मांग की।
सिक्किम के मुख्यमंत्री ने हालिया सार्वजनिक भाषण में राज्य की नदियों के संरक्षण की अत्यावश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि अनियंत्रित प्रदूषण और अस्थिर विकास से जल की गुणवत्ता और हिमालयी जलजीव विविधता दोनों खतरे में हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई नदियाँ ब्रह्मपुत्र जलसंधि में योगदान देती हैं और इनमें कई स्थानीय मछली एवं कीट प्रजातियाँ पाई जाती हैं। ये जलस्रोत स्थानीय लोगों की आजीविका और जलविद्युत क्षमता के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
समाधान के रूप में सरकार ने अपशिष्ट मानकों को कड़ा करने, वास्तविक‑समय जल‑गुणवत्ता निगरानी बढ़ाने और गाँव की पंचायतों को नदी‑किनारे पुनर्स्थापना परियोजनाओं में शामिल करने की योजना बताई। साथ ही इको‑फ्रेंडली पर्यटन को बढ़ावा देने और उद्योगों को स्वच्छ तकनीकों को अपनाने की अपील की गई।
मुख्य मंत्री ने नागरिकों, NGOs और निजी क्षेत्र से मिलकर नदियों की रक्षा करने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि सतत विकास के लिए पारिस्थितिक स्वास्थ्य अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई नदियाँ ब्रह्मपुत्र जलसंधि में योगदान देती हैं और इनमें कई स्थानीय मछली एवं कीट प्रजातियाँ पाई जाती हैं। ये जलस्रोत स्थानीय लोगों की आजीविका और जलविद्युत क्षमता के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
समाधान के रूप में सरकार ने अपशिष्ट मानकों को कड़ा करने, वास्तविक‑समय जल‑गुणवत्ता निगरानी बढ़ाने और गाँव की पंचायतों को नदी‑किनारे पुनर्स्थापना परियोजनाओं में शामिल करने की योजना बताई। साथ ही इको‑फ्रेंडली पर्यटन को बढ़ावा देने और उद्योगों को स्वच्छ तकनीकों को अपनाने की अपील की गई।
मुख्य मंत्री ने नागरिकों, NGOs और निजी क्षेत्र से मिलकर नदियों की रक्षा करने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि सतत विकास के लिए पारिस्थितिक स्वास्थ्य अनिवार्य है।