📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Masum Ibn Musa
राजनीति
सिक्किम ने पहाड़ी राज्यों के लिए भू‑विशिष्ट जल नीतियों की माँग की
✍️ Hub News
🗓 03 सित. 2026, 04:03 PM
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सिक्किम सरकार ने पहाड़ी राज्यों की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जल नीतियों की माँग की है।
सिक्किम की राज्य सरकार ने भारत के पहाड़ी राज्यों की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जल प्रबंधन नीतियों को अनुकूल बनाने की औपचारिक मांग की है। यह अपील उन नियमों की आवश्यकता को रेखांकित करती है जो तीव्र ढलानों, बिखरे जलस्रोत और मौसमी प्रवाह पैटर्न को ध्यान में रखे।
अधिकारी बताते हैं कि सामान्य जल नीतियां अक्सर पहाड़ी क्षेत्रों की चुनौतियों—जैसे सीमित जलभंडारण क्षमता, तेज़ निकासी और भू-स्खलन की संवेदनशीलता—को अनदेखा कर देती हैं। भौगोलिक विशेषताओं को सम्मिलित करके, सरकार घरेलू उपयोग, कृषि और जलविद्युत परियोजनाओं के लिए जल उपलब्धता में सुधार और पर्यावरणीय जोखिमों को कम करने का लक्ष्य रखती है।
यह मांग केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों को संबोधित की गई है, जिससे भविष्य के नीति मसौदे इन भौगोलिक पहलुओं को शामिल कर सकें। सिक्किम आशा करता है कि यह अनुकूलित दृष्टिकोण अन्य पहाड़ी राज्यों के लिए भी प्रभावी जल शासन का मॉडल स्थापित करेगा।
अधिकारी बताते हैं कि सामान्य जल नीतियां अक्सर पहाड़ी क्षेत्रों की चुनौतियों—जैसे सीमित जलभंडारण क्षमता, तेज़ निकासी और भू-स्खलन की संवेदनशीलता—को अनदेखा कर देती हैं। भौगोलिक विशेषताओं को सम्मिलित करके, सरकार घरेलू उपयोग, कृषि और जलविद्युत परियोजनाओं के लिए जल उपलब्धता में सुधार और पर्यावरणीय जोखिमों को कम करने का लक्ष्य रखती है।
यह मांग केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों को संबोधित की गई है, जिससे भविष्य के नीति मसौदे इन भौगोलिक पहलुओं को शामिल कर सकें। सिक्किम आशा करता है कि यह अनुकूलित दृष्टिकोण अन्य पहाड़ी राज्यों के लिए भी प्रभावी जल शासन का मॉडल स्थापित करेगा।