📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
सिधार्थ मल्होत्रा की ‘व्वाण’ ने ₹9.6 करोड़ का ओपनिंग, 10 पूर्व फ़िल्मों से बेहतर
✍️ The Indian Express
🗓 26 सित. 2026, 11:17 AM
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सिधार्थ मल्होत्रा की नवीनतम फ़िल्म ‘व्वाण’ ने ओपनिंग पर ₹9.6 करोड़ कमाए, जो उनके पिछले दस फ़िल्मों के ओपनिंग से बेहतर है।
सिधार्थ मल्होत्रा की नवीनतम फ़िल्म ‘व्वाण’ ने ओपनिंग दिन पर ₹9.6 करोड़ का संग्रह किया, जो उनके पिछले दस फ़िल्मों के ओपनिंग से बेहतर है।
यह आंकड़ा इस वर्ष की उच्च कमाई वाली फ़िल्मों में से एक के रूप में ‘व्वाण’ को स्थापित करता है, जो दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया को दर्शाता है। ओपनिंग के बाद के आंकड़े अभी भी प्रतीक्षारत हैं, परंतु प्रारंभिक संग्रह से फ़िल्म की मजबूत शुरुआत का संकेत मिलता है।
उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि ‘व्वाण’ को स्टार पावर और समय पर रिलीज़ के संयोजन से लाभ मिला है। फ़िल्म के कथानक और शैली में बढ़ती रुचि भी इसके प्रदर्शन में योगदान दे सकती है।
सिधार्थ मल्होत्रा, जो हिंदी सिनेमा में लगातार उपस्थिति बनाए हुए हैं, इस नवीनतम प्रोजेक्ट के साथ अपनी गति फिर से प्राप्त करते दिख रहे हैं। ₹9.6 करोड़ का ओपनिंग उनके भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए नया मानदंड स्थापित कर सकता है।
जैसे-जैसे सप्ताहांत आगे बढ़ता है, बॉक्स‑ऑफ़िस ट्रैकर्स ‘व्वाण’ के प्रदर्शन पर नज़र रखेंगे और देखेंगे कि क्या यह अपनी ऊँची दिशा बनाए रखता है और उसी अवधि की अन्य फ़िल्मों के मुकाबले कैसा है।
यह आंकड़ा इस वर्ष की उच्च कमाई वाली फ़िल्मों में से एक के रूप में ‘व्वाण’ को स्थापित करता है, जो दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया को दर्शाता है। ओपनिंग के बाद के आंकड़े अभी भी प्रतीक्षारत हैं, परंतु प्रारंभिक संग्रह से फ़िल्म की मजबूत शुरुआत का संकेत मिलता है।
उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि ‘व्वाण’ को स्टार पावर और समय पर रिलीज़ के संयोजन से लाभ मिला है। फ़िल्म के कथानक और शैली में बढ़ती रुचि भी इसके प्रदर्शन में योगदान दे सकती है।
सिधार्थ मल्होत्रा, जो हिंदी सिनेमा में लगातार उपस्थिति बनाए हुए हैं, इस नवीनतम प्रोजेक्ट के साथ अपनी गति फिर से प्राप्त करते दिख रहे हैं। ₹9.6 करोड़ का ओपनिंग उनके भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए नया मानदंड स्थापित कर सकता है।
जैसे-जैसे सप्ताहांत आगे बढ़ता है, बॉक्स‑ऑफ़िस ट्रैकर्स ‘व्वाण’ के प्रदर्शन पर नज़र रखेंगे और देखेंगे कि क्या यह अपनी ऊँची दिशा बनाए रखता है और उसी अवधि की अन्य फ़िल्मों के मुकाबले कैसा है।