📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dharshgopal
मनोरंजन
सिड श्रीराम: आत्मा से निकले गीत हमेशा जीवित रहते हैं
✍️ The Times of India
🗓 13 अक्टू. 2026, 03:03 AM
👁 18
गायक सिड श्रीराम ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि आत्मा से निकला गीत हमेशा टिकता है।
प्रसिद्ध प्लेबैक गायक सिड श्रीराम ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि आत्मा से निकला गीत हमेशा टिकाऊ होता है। उन्होंने कहा कि जब कोई धुन गहरी भावना से जुड़ी होती है, तो वह क्षणिक रुझानों को पार कर कई पीढ़ियों तक प्रासंगिक रहती है।
सिड, जो कई भारतीय भाषाओं में गाते हैं, ने यह रेखांकित किया कि ऐसे संगीत की स्थायी आकर्षण इसकी व्यक्तिगत स्तर पर श्रोताओं से जुड़ने की क्षमता में निहित है। उन्होंने कहा कि गीत का भावनात्मक मूल ही इसे प्रारंभिक रिलीज़ के बाद भी सामूहिक स्मृति में जीवित रखता है।
उनके इस बयान का संदर्भ भारतीय संगीत के बदलते परिदृश्य में है, जहाँ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नई रिलीज़ की जीवन अवधि को तेज़ कर रहे हैं। सिड की यह दृष्टि इस बात को उजागर करती है कि रचना और प्रस्तुति में प्रामाणिकता ही गीत को सांस्कृतिक धरोहर में स्थापित कर सकती है।
सिड, जो कई भारतीय भाषाओं में गाते हैं, ने यह रेखांकित किया कि ऐसे संगीत की स्थायी आकर्षण इसकी व्यक्तिगत स्तर पर श्रोताओं से जुड़ने की क्षमता में निहित है। उन्होंने कहा कि गीत का भावनात्मक मूल ही इसे प्रारंभिक रिलीज़ के बाद भी सामूहिक स्मृति में जीवित रखता है।
उनके इस बयान का संदर्भ भारतीय संगीत के बदलते परिदृश्य में है, जहाँ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नई रिलीज़ की जीवन अवधि को तेज़ कर रहे हैं। सिड की यह दृष्टि इस बात को उजागर करती है कि रचना और प्रस्तुति में प्रामाणिकता ही गीत को सांस्कृतिक धरोहर में स्थापित कर सकती है।