📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
राजनीति
शिवसेना सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के सहकारी बैंकों के खिलाफ केंद्र को किया आरोप
✍️ Mid-Day
🗓 22 अग. 2026, 11:19 AM
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शिवसेना नेता संजय राउत ने केंद्र को महाराष्ट्र के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया।
शिवसेना के वरिष्ठ सांसद संजय राउत ने नई दिल्ली में महाराष्ट्र के सहकारी बैंकों के प्रति केंद्र की नीतियों को अन्यायपूर्ण बताया। राउत का कहना है कि हालिया केंद्रीय नीतियों और नियामक कदमों ने राज्य के सहकारी बैंकिंग नेटवर्क को नुकसान पहुंचाया है, जो ग्रामीण ऋण और वित्तीय समावेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने वित्त मंत्रालय से अनुरोध किया कि इन उपायों की पुनः समीक्षा की जाए और इन संस्थाओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित किया जाए। राउत ने चेतावनी दी कि निरंतर उपेक्षा से छोटे उधारकर्ताओं और कृषि समुदायों को समर्थन देने की क्षमता कमजोर हो सकती है। रिपोर्टिंग के समय केंद्र से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
राउत के बयान बैंकिंग सुधारों और वित्तीय क्षेत्र में एकीकरण को लेकर चल रहे बहस के बीच आए हैं। महाराष्ट्र के सहकारी बैंकों की संख्या 1,000 से अधिक है और उनका कुल संपत्ति ₹2 ट्रिलियन से अधिक है, जिससे वे राज्य की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा घटक बनते हैं। पहले भी तरलता की कमी और नियामक दबाव को लेकर चिंताएं व्यक्त की गई थीं, पर राउत के ये बयान केंद्र सरकार की नीति पर सीधे राजनीतिक चुनौती का संकेत देते हैं।
शिवसेना प्रवक्ता ने केंद्र सरकार के साथ पारदर्शी संवाद की मांग दोहराई, यह जताते हुए कि किसी भी प्रकार का अन्याय राज्य में व्यापक राजनीतिक प्रभाव डाल सकता है।
राउत के बयान बैंकिंग सुधारों और वित्तीय क्षेत्र में एकीकरण को लेकर चल रहे बहस के बीच आए हैं। महाराष्ट्र के सहकारी बैंकों की संख्या 1,000 से अधिक है और उनका कुल संपत्ति ₹2 ट्रिलियन से अधिक है, जिससे वे राज्य की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा घटक बनते हैं। पहले भी तरलता की कमी और नियामक दबाव को लेकर चिंताएं व्यक्त की गई थीं, पर राउत के ये बयान केंद्र सरकार की नीति पर सीधे राजनीतिक चुनौती का संकेत देते हैं।
शिवसेना प्रवक्ता ने केंद्र सरकार के साथ पारदर्शी संवाद की मांग दोहराई, यह जताते हुए कि किसी भी प्रकार का अन्याय राज्य में व्यापक राजनीतिक प्रभाव डाल सकता है।