📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Merlyn007
राजनीति
शिवसेना विधायकों ने महाराष्ट्र सरकार से ऑटो ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग
✍️ Amar Ujala · Maharashtra
🗓 23 अग. 2026, 08:35 PM
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शिवसेना के विधायकों ने महाराष्ट्र सरकार से ऑटो‑टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है, क्योंकि उन्हें उचित सीखने का समय चाहिए।
शिवसेना के महाराष्ट्र विधानसभा के विधायकों ने राज्य सरकार से ऑटो‑टैक्सी और अन्य व्यावसायिक वाहनों के चालकों को मराठी में दक्षता हासिल करने के लिए अधिक समय देने का औपचारिक अनुरोध किया है। उनका मानना है कि वर्तमान समय सीमा उन चालकों की व्यावहारिक कठिनाइयों को नहीं देखती, जिन्हें काम के साथ भाषा प्रशिक्षण को संतुलित करना पड़ता है।
यह मांग महाराष्ट्र सरकार द्वारा मराठी को सार्वजनिक संवाद की मुख्य भाषा बनाने के लिए किए जा रहे कदमों के बीच आई है। हाल ही में जारी किए गए निर्देशों में ऑटो‑रिक्शा और टैक्सी चालकों को बुनियादी मराठी संवाद कौशल प्रदर्शित करने की समय सीमा निर्धारित की गई थी, जिसका उद्देश्य यात्रियों की सेवा में सुधार और राज्य की भाषाई पहचान को सुदृढ़ करना है।
शिवसेना के नेता तर्क देते हैं कि समय सीमा बढ़ाने से उन चालकों के आजीविका पर पड़ने वाले संभावित नकारात्मक प्रभावों को रोका जा सकेगा, जो अनुपालन न करने पर दंडित हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि कार्य समय के साथ तालमेल रखने वाले चरणबद्ध कार्यान्वयन और सुलभ प्रशिक्षण संसाधन प्रदान किए जाएँ।
राज्य अधिकारियों ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर यह मुद्दा आगामी विधानसभा सत्र में भाषा नीति और परिवहन क्षेत्र के नियमों के संगम पर चर्चा का विषय बन सकता है।
यह मांग महाराष्ट्र सरकार द्वारा मराठी को सार्वजनिक संवाद की मुख्य भाषा बनाने के लिए किए जा रहे कदमों के बीच आई है। हाल ही में जारी किए गए निर्देशों में ऑटो‑रिक्शा और टैक्सी चालकों को बुनियादी मराठी संवाद कौशल प्रदर्शित करने की समय सीमा निर्धारित की गई थी, जिसका उद्देश्य यात्रियों की सेवा में सुधार और राज्य की भाषाई पहचान को सुदृढ़ करना है।
शिवसेना के नेता तर्क देते हैं कि समय सीमा बढ़ाने से उन चालकों के आजीविका पर पड़ने वाले संभावित नकारात्मक प्रभावों को रोका जा सकेगा, जो अनुपालन न करने पर दंडित हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि कार्य समय के साथ तालमेल रखने वाले चरणबद्ध कार्यान्वयन और सुलभ प्रशिक्षण संसाधन प्रदान किए जाएँ।
राज्य अधिकारियों ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर यह मुद्दा आगामी विधानसभा सत्र में भाषा नीति और परिवहन क्षेत्र के नियमों के संगम पर चर्चा का विषय बन सकता है।