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शिवपुरी के मुकेश राठौर ने पीएमएफएमई योजना से स्थापित की "कार्तिक ऑयल मिल", बने आत्मनिर्भर
शिवपुरी निवासी मुकेश राठौर ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना के तहत "कार्तिक ऑयल मिल" स्थापित कर आत्मनिर्भरता हासिल की है। उन्हें बैंक ऋण और सब्सिडी का लाभ मिला, जिससे वे प्रतिमाह अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं और स्थानीय युवाओं को रोजगार भी दे रहे हैं।
शिवपुरी, 29 सितम्बर 2026: मेहनत को सही दिशा और शासकीय योजनाओं का संबल मिलने पर सफलता की राहें सुगम हो जाती हैं। शिवपुरी निवासी श्री मुकेश राठौर ने सीमित संसाधनों के बावजूद हार नहीं मानी और आज शासन की महत्वाकांक्षी पीएमएफएमई योजना के बल पर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। फतेहपुर रोड, नई पुलिस लाईन के पास रहने वाले मुकेश राठौर ने स्वयं का व्यवसाय "कार्तिक ऑयल मिल" स्थापित कर समाज में मान-सम्मान के साथ जीवन यापन कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना ने श्री मुकेश राठौर को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए एक नया मार्ग दिखाया। उद्यानिकी विभाग के डीआरपी श्री गिर्राज ओझा से योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के बाद, उन्हें "कार्तिक ऑयल" मिल स्थापित करने हेतु बैंक से 9 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत हुआ। इसके अतिरिक्त, उन्हें शासन की ओर से 3.50 लाख रुपए की बड़ी सब्सिडी का लाभ भी मिला।
प्राप्त वित्तीय सहायता और सही मार्गदर्शन से श्री मुकेश राठौर ने "कार्तिक ऑयल मिल" की शुरुआत की। आधुनिक तकनीकों और मशीनों का उपयोग कर उन्होंने शुद्ध तेल उत्पादन का कार्य शुरू किया। तेल पेराई के बाद निकलने वाली खली को बेचकर भी वे अतिरिक्त लाभ कमा रहे हैं। सही प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद के कारण उनका व्यापार तेजी से बढ़ा और आज वे इस इकाई से प्रतिमाह लगभग 50 हजार रुपए तक की शुद्ध आमदनी प्राप्त कर रहे हैं।
श्री मुकेश राठौर आज न केवल स्वयं आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि समाज के प्रति अपने दायित्व को समझते हुए दूसरों के लिए भी मददगार साबित हो रहे हैं। वे अपनी ऑयल मिल में 2 से 3 अन्य स्थानीय युवाओं को भी नियमित रोजगार प्रदान कर रहे हैं, जिससे उनके परिवारों का जीवनयापन भी सुचारू रूप से चल रहा है। अपनी इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए श्री मुकेश राठौर ने कहा कि "पीएमएफएमई योजना मेरे जीवन के लिए वरदान साबित हुई है। इस योजना ने मेरे आत्मनिर्भर बनने के सपने को साकार किया है।" उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री जी एवं उद्यानिकी विभाग का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना ने श्री मुकेश राठौर को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए एक नया मार्ग दिखाया। उद्यानिकी विभाग के डीआरपी श्री गिर्राज ओझा से योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के बाद, उन्हें "कार्तिक ऑयल" मिल स्थापित करने हेतु बैंक से 9 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत हुआ। इसके अतिरिक्त, उन्हें शासन की ओर से 3.50 लाख रुपए की बड़ी सब्सिडी का लाभ भी मिला।
प्राप्त वित्तीय सहायता और सही मार्गदर्शन से श्री मुकेश राठौर ने "कार्तिक ऑयल मिल" की शुरुआत की। आधुनिक तकनीकों और मशीनों का उपयोग कर उन्होंने शुद्ध तेल उत्पादन का कार्य शुरू किया। तेल पेराई के बाद निकलने वाली खली को बेचकर भी वे अतिरिक्त लाभ कमा रहे हैं। सही प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद के कारण उनका व्यापार तेजी से बढ़ा और आज वे इस इकाई से प्रतिमाह लगभग 50 हजार रुपए तक की शुद्ध आमदनी प्राप्त कर रहे हैं।
श्री मुकेश राठौर आज न केवल स्वयं आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि समाज के प्रति अपने दायित्व को समझते हुए दूसरों के लिए भी मददगार साबित हो रहे हैं। वे अपनी ऑयल मिल में 2 से 3 अन्य स्थानीय युवाओं को भी नियमित रोजगार प्रदान कर रहे हैं, जिससे उनके परिवारों का जीवनयापन भी सुचारू रूप से चल रहा है। अपनी इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए श्री मुकेश राठौर ने कहा कि "पीएमएफएमई योजना मेरे जीवन के लिए वरदान साबित हुई है। इस योजना ने मेरे आत्मनिर्भर बनने के सपने को साकार किया है।" उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री जी एवं उद्यानिकी विभाग का हृदय से आभार व्यक्त किया है।