सरकारी योजना
शिवपुरी की कृष्णा कुशवाह ने 10 हजार रुपये के ऋण से बनाया आत्मनिर्भर जीवन
मध्य प्रदेश के शिपुरी जिले नर परिषद कलारस की कृष्णा कशवाह स्वसहयता सगुह और शासकय योजनाओं क सहयग स सलई वयवसय म सफल ह। उनक कड़ी मेहनत व वतय अनुशासन न पत-पतनी क आर्थक स्थत म सुधार लाया ह
शवपुर, 06 अतूबर 2026। दृढ़ संकप, कड़ी मेहनत और शासकय योजनाओं क सही सहयग स कोई भी महला अपन तकदर बदल सकती ह। शवपुर जल क नगर परषद कलारस नवसी शरमती कृष्णा कशवाह क सफलता क कहानी इस बात क जनवत प्रमाण ह। पहले उनक जवन बेहद सीमत संसाधनों और आर्थक तंग म व्यतत हो रहा था, परंतु परवर को बेहतर भवय देने क चहत न उनहें रकने न दया और आज वे स्वावलंबन व आत्मनरभरता क नई इबरत लख रही ह।
अपन जवन को नई दशा देने क लए शरमती कृष्णा कशवाह न स्वसहयता सगुह क सदसयता ग्रहण क। समूह क माध्यम स उनहें सलई क वयवसयक प्रशकषण प्राप्त ह। हुनर सीखते ह उनहें समूह स 10,000 रयु क पहला ऋण मला, जसक मदद स उनहें एक छोट सलई मशन व बुनयाद सामग्री खरद कर सलई करय शुरू कया। अनुशासत वतय प्रबंधन स पहला ऋण चुकाने क बाद उनहें 20,000 रयु क दूसरा ऋण मला। इसक बाद, उनक सलई क बढ़ते करय और लगन को देखते ह उनहें पीएम स्ट्रेट वनडर (पीएम स्वनध) योजना क तहत 50,000 रयु क तीसरा ऋण प्रद य गय ह।
शरमती कृष्णा कशवाह न प्राप्त वतय सहयग क अतयंत दूरदरश उपयोग कया। सलई स अपन वतनत आय शुरू करने क साथ ह उनहें 20,000 रयु क दूसरे ऋण स अपन पत क लए ठला वयवसय शुरू करवाया, जसस परवर म आय क एक तरकत जरया बन गय। अब पीएम स्वनध योजना स मले 50,000 रयु क नए ऋण स वे अपन सलई वयवसय क और अधक वस्तार करने जा रही ह। दनों पत-पतनी क संयुत मेहनत स परवर क आर्थक स्थत सथायी रय मजबत हो चुक ह और वे अपन बचों क पालन-पोषण बेहतर ढंग स कर पा रहे ह।
शरमती कृष्णा कशवाह न केवल स्वयं आत्मनरभर बन ह, बलक अपन समझदारी, वतय अनुशासन और मेहनत क बल पर क्षेत्र क अनय महलाओं क लए भी पररणा क स्रोत बन गई ह। उनहें य साबत कर दखाया ह क स्वसहयता सगुह और शासकय योजनाओं क सही दशा म उपयोग कर गरबी तथा तंगहाल को मात द जा सकती ह। अपन इस सफलता और स्वावलंबन क यात्रा पर प्रसन्नता व्यत करते ह शरमती कृष्णा कशवाह न प्रधानमनत शर नरनद्र मोद और प्रदेश सरकर क जनकल्याणकारी सोच क परत हृदय स आभार व्यत कया।
अपन जवन को नई दशा देने क लए शरमती कृष्णा कशवाह न स्वसहयता सगुह क सदसयता ग्रहण क। समूह क माध्यम स उनहें सलई क वयवसयक प्रशकषण प्राप्त ह। हुनर सीखते ह उनहें समूह स 10,000 रयु क पहला ऋण मला, जसक मदद स उनहें एक छोट सलई मशन व बुनयाद सामग्री खरद कर सलई करय शुरू कया। अनुशासत वतय प्रबंधन स पहला ऋण चुकाने क बाद उनहें 20,000 रयु क दूसरा ऋण मला। इसक बाद, उनक सलई क बढ़ते करय और लगन को देखते ह उनहें पीएम स्ट्रेट वनडर (पीएम स्वनध) योजना क तहत 50,000 रयु क तीसरा ऋण प्रद य गय ह।
शरमती कृष्णा कशवाह न प्राप्त वतय सहयग क अतयंत दूरदरश उपयोग कया। सलई स अपन वतनत आय शुरू करने क साथ ह उनहें 20,000 रयु क दूसरे ऋण स अपन पत क लए ठला वयवसय शुरू करवाया, जसस परवर म आय क एक तरकत जरया बन गय। अब पीएम स्वनध योजना स मले 50,000 रयु क नए ऋण स वे अपन सलई वयवसय क और अधक वस्तार करने जा रही ह। दनों पत-पतनी क संयुत मेहनत स परवर क आर्थक स्थत सथायी रय मजबत हो चुक ह और वे अपन बचों क पालन-पोषण बेहतर ढंग स कर पा रहे ह।
शरमती कृष्णा कशवाह न केवल स्वयं आत्मनरभर बन ह, बलक अपन समझदारी, वतय अनुशासन और मेहनत क बल पर क्षेत्र क अनय महलाओं क लए भी पररणा क स्रोत बन गई ह। उनहें य साबत कर दखाया ह क स्वसहयता सगुह और शासकय योजनाओं क सही दशा म उपयोग कर गरबी तथा तंगहाल को मात द जा सकती ह। अपन इस सफलता और स्वावलंबन क यात्रा पर प्रसन्नता व्यत करते ह शरमती कृष्णा कशवाह न प्रधानमनत शर नरनद्र मोद और प्रदेश सरकर क जनकल्याणकारी सोच क परत हृदय स आभार व्यत कया।