📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Chatham House
विदेश
शशि थरूर ने EU प्रतिनिधि से की भारत‑EU संबंधों व केरल सहयोग पर चर्चा
✍️ Asianet Newsable
🗓 27 अग. 2026, 06:03 AM
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भारत के विदेश मंत्री शशि थरूर और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि ने भारत‑EU संबंधों को मजबूत करने और केरल में सहयोग के अवसरों पर चर्चा की।
नई दिल्ली – विदेश मंत्री शशि थरूर ने बुधवार को यूरोपीय संघ के नियुक्त प्रतिनिधि से भारत‑EU साझेदारी की समीक्षा करने के लिए मुलाकात की। दोनों पक्षों ने राजनीतिक संवाद, व्यापार सुगमता और निवेश प्रवाह को बढ़ाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
वार्ता के दौरान दक्षिणी राज्य केरल को भी प्रमुख बिंदु बनाया गया, जहाँ नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और प्रवासी‑संबंधित सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ देखी जा रही हैं। थरूर ने केरल की रणनीतिक महत्ता को रेखांकित करते हुए यूरोपीय हितधारकों को स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को लाभ पहुंचाने वाले संयुक्त प्रोजेक्ट्स की खोज करने का आमंत्रण दिया।
हालाँकि अभी तक कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, दोनों पक्षों ने विशिष्ट परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करने और वर्ष के बाद में फॉलो‑अप बैठकें आयोजित करने के लिए एक कार्यसमूह स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की। यह चर्चा नई दिल्ली के यूरोप के साथ संबंधों को गहरा करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
यह मुलाकात दोनों देशों की पारंपरिक बाजारों से परे साझेदारियों को विविध बनाने की बढ़ती कूटनीतिक गति को दर्शाती है, जिसमें केरल को पायलट सहयोग के केंद्र में रखा गया है।
वार्ता के दौरान दक्षिणी राज्य केरल को भी प्रमुख बिंदु बनाया गया, जहाँ नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और प्रवासी‑संबंधित सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ देखी जा रही हैं। थरूर ने केरल की रणनीतिक महत्ता को रेखांकित करते हुए यूरोपीय हितधारकों को स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को लाभ पहुंचाने वाले संयुक्त प्रोजेक्ट्स की खोज करने का आमंत्रण दिया।
हालाँकि अभी तक कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, दोनों पक्षों ने विशिष्ट परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करने और वर्ष के बाद में फॉलो‑अप बैठकें आयोजित करने के लिए एक कार्यसमूह स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की। यह चर्चा नई दिल्ली के यूरोप के साथ संबंधों को गहरा करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
यह मुलाकात दोनों देशों की पारंपरिक बाजारों से परे साझेदारियों को विविध बनाने की बढ़ती कूटनीतिक गति को दर्शाती है, जिसमें केरल को पायलट सहयोग के केंद्र में रखा गया है।