श्रीवास्तव मोड़ पर एसईसीएल की सरकारी संपत्ति की अमानत
श्रीवास्तव मोड़ पर एसईसीएल की सरकारी संपत्ति की अमानत में खयानत: निजी होटल में लग गए एसईसीएल के लोहे के पाइप, एंगल और शीट!
अमलाई / शहडोल:
क्षेत्र में सरकारी एवं सार्वजनिक उपक्रमों (SECL) की जमीनों और संपत्तियों का निजी इस्तेमाल तथा अनैतिक लाभ के लिए दुरुपयोग का मामला फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है। गुप्त एवं विश्वसनीय सूत्रों से मिली सनसनीखेज जानकारी के अनुसार, अमलाई थाना अंतर्गत श्रीवास्तव मोड़ स्थित एक निजी होटल के निर्माण और ढांचे में एसईसीएल (SECL) की सरकारी संपत्ति—लोहे के पाइप, हैवी एंगल और शीट—धड़ल्ले से इस्तेमाल किए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
विश्वस्त सूत्रों का दावा है कि श्रीवास्तव मोड़ स्थित एक होटल में जो लोहे के पाइप, शीट और एंगल लगे हुए हैं, वे साधारण बाजार से खरीदे गए सामान नहीं हैं, बल्कि एसईसीएल (Sohagpur Area) के विभागीय भंडार व कार्यस्थलों से निकाले गए सरकारी लोहे के हिस्से हैं।
सरकारी उपक्रम का कीमती लोहा किस तरह और किन परिस्थितियों में निजी होटल के स्ट्रक्चर का हिस्सा बन गया, यह एक गंभीर और जांच का विषय है।
अमलाई पुलिस व एसईसीएल सतर्क हों तो खुलेगी पोल
स्थानीय नागरिकों और सजग सूत्रों का कहना है कि यदि:
अमलाई थाना पुलिस मौके का बारीकी से पंचनामा और तकनीकी निरीक्षण करे,
एसईसीएल (SECL) के संबंधित सुरक्षा अधिकारी एवं विभागीय इंजीनियर मौके पर पहुंचकर लोहे के पाइप, एंगल की तकनीकी माप और विभागीय मार्किंग की निष्पक्ष जांच करें,
तो इस पूरे खेल का दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। यह जांच न केवल अवैध रूप से इस्तेमाल की गई सरकारी सामग्री का पर्दाफाश करेगी, बल्कि इसके पीछे शामिल सिंडिकेट और जिम्मेदार तत्वों का चेहरा भी बेनकाब करेगी।
उठते तीखे सवाल:
कड़ी सुरक्षा के बावजूद कैसे बाहर आया लोहा? एसईसीएल के सुरक्षा तंत्र और विभागीय सुरक्षा चौकियों की मौजूदगी के बावजूद इतना भारी लोहे का सामान बाहर कैसे पहुंचा?
कौन-कौन शामिल? क्या इसमें विभागीय अमले, कबाड़ माफिया या होटल संचालक की मिलीभगत है?
क्या होगी सख्त कार्रवाई? क्या अमलाई पुलिस और एसईसीएल प्रबंधन इस गंभीर सूचना को संज्ञान में लेकर तत्काल स्थल निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाई करेंगे?
अमलाई / शहडोल:
क्षेत्र में सरकारी एवं सार्वजनिक उपक्रमों (SECL) की जमीनों और संपत्तियों का निजी इस्तेमाल तथा अनैतिक लाभ के लिए दुरुपयोग का मामला फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है। गुप्त एवं विश्वसनीय सूत्रों से मिली सनसनीखेज जानकारी के अनुसार, अमलाई थाना अंतर्गत श्रीवास्तव मोड़ स्थित एक निजी होटल के निर्माण और ढांचे में एसईसीएल (SECL) की सरकारी संपत्ति—लोहे के पाइप, हैवी एंगल और शीट—धड़ल्ले से इस्तेमाल किए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
विश्वस्त सूत्रों का दावा है कि श्रीवास्तव मोड़ स्थित एक होटल में जो लोहे के पाइप, शीट और एंगल लगे हुए हैं, वे साधारण बाजार से खरीदे गए सामान नहीं हैं, बल्कि एसईसीएल (Sohagpur Area) के विभागीय भंडार व कार्यस्थलों से निकाले गए सरकारी लोहे के हिस्से हैं।
सरकारी उपक्रम का कीमती लोहा किस तरह और किन परिस्थितियों में निजी होटल के स्ट्रक्चर का हिस्सा बन गया, यह एक गंभीर और जांच का विषय है।
अमलाई पुलिस व एसईसीएल सतर्क हों तो खुलेगी पोल
स्थानीय नागरिकों और सजग सूत्रों का कहना है कि यदि:
अमलाई थाना पुलिस मौके का बारीकी से पंचनामा और तकनीकी निरीक्षण करे,
एसईसीएल (SECL) के संबंधित सुरक्षा अधिकारी एवं विभागीय इंजीनियर मौके पर पहुंचकर लोहे के पाइप, एंगल की तकनीकी माप और विभागीय मार्किंग की निष्पक्ष जांच करें,
तो इस पूरे खेल का दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। यह जांच न केवल अवैध रूप से इस्तेमाल की गई सरकारी सामग्री का पर्दाफाश करेगी, बल्कि इसके पीछे शामिल सिंडिकेट और जिम्मेदार तत्वों का चेहरा भी बेनकाब करेगी।
उठते तीखे सवाल:
कड़ी सुरक्षा के बावजूद कैसे बाहर आया लोहा? एसईसीएल के सुरक्षा तंत्र और विभागीय सुरक्षा चौकियों की मौजूदगी के बावजूद इतना भारी लोहे का सामान बाहर कैसे पहुंचा?
कौन-कौन शामिल? क्या इसमें विभागीय अमले, कबाड़ माफिया या होटल संचालक की मिलीभगत है?
क्या होगी सख्त कार्रवाई? क्या अमलाई पुलिस और एसईसीएल प्रबंधन इस गंभीर सूचना को संज्ञान में लेकर तत्काल स्थल निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाई करेंगे?