Politics
श्रीमाधोपुर के पूर्व प्रधान भागीरथ मल सहित 12 पूर्व सरपंच चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित
राज्य निर्वाचन आयोग ने श्रीमाधोपुर के पूर्व प्रधान भागीरथ मल और जिले के 12 पूर्व सरपंचों को वित्तीय अनियमितताओं के चलते आगामी पंचायत चुनावों में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया है।
सीकर जिले में पंचायत चुनावों से ठीक पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए श्रीमाधोपुर के पूर्व प्रधान भागीरथ मल सहित जिले के 12 पूर्व सरपंचों को आगामी चुनावों के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। इन सभी पर वित्तीय अनियमितताओं और अन्य गंभीर आरोपों की जांच चल रही है। आयोग के इस फैसले से स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भागीरथ मल वर्ष 2015 में कांग्रेस पार्टी से श्रीमाधोपुर के प्रधान चुने गए थे। प्रधान रहते हुए उन पर रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इसी तरह, अन्य अयोग्य घोषित किए गए सरपंचों पर भी वित्तीय गबन और अनियमितताओं के आरोप हैं, जिनकी जांच के बाद यह निर्णय लिया गया है।
आयोग द्वारा जारी सूची में गढ़टकनेत की रामप्यारी देवी, अनिता चौधरी, कोटड़ी धायलान के पोखरमल धायल, शिमरला जागीर के सरदार सिंह, हांसपुर के मोहनलाल, दूधवा की सुलोचना देवी, धोलासरी के भंवरराम, बाय के नेमीचंद, दूधवालों का बास की अभिलाषा शर्मा, माकड़ी के भरत कुमार यादव एवं विनोद कुमार जोग, पिपराली की स्याना देवी तथा फतेहपुर के नवीपुरा के वार्ड पंच हिम्मत सिंह के नाम शामिल हैं। इन सभी को चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित कर दिया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भागीरथ मल वर्ष 2015 में कांग्रेस पार्टी से श्रीमाधोपुर के प्रधान चुने गए थे। प्रधान रहते हुए उन पर रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इसी तरह, अन्य अयोग्य घोषित किए गए सरपंचों पर भी वित्तीय गबन और अनियमितताओं के आरोप हैं, जिनकी जांच के बाद यह निर्णय लिया गया है।
आयोग द्वारा जारी सूची में गढ़टकनेत की रामप्यारी देवी, अनिता चौधरी, कोटड़ी धायलान के पोखरमल धायल, शिमरला जागीर के सरदार सिंह, हांसपुर के मोहनलाल, दूधवा की सुलोचना देवी, धोलासरी के भंवरराम, बाय के नेमीचंद, दूधवालों का बास की अभिलाषा शर्मा, माकड़ी के भरत कुमार यादव एवं विनोद कुमार जोग, पिपराली की स्याना देवी तथा फतेहपुर के नवीपुरा के वार्ड पंच हिम्मत सिंह के नाम शामिल हैं। इन सभी को चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित कर दिया गया है।