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17 अक्टू. 2026•
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श्रीमाधोपुर: चुनाव से पहले पैर पकड़ने वाले, जीत के बाद जनता को भूलने वाले सरपंचों पर जनता की नजर

✍️ रिपोर्टर: Mahendra Kumar Mitharwal 🗓 17 अक्टू. 2026, 01:48 PM 👁 18
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श्रीमाधोपुर पंचायत समिति में सरपंच चुनाव का माहौल गर्म है। मतदाता जागरूक होकर ऐसे उम्मीदवार चुनने की अपील कर रहे हैं जो जीत के बाद भी जनता की सेवा करें।

श्रीमाधोपुर पंचायत समिति क्षेत्र में सरपंच चुनावों का माहौल गरमा गया है। चुनाव से पहले कई उम्मीदवार मतदाताओं के घर-घर जाकर हाथ जोड़ रहे हैं और बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या चुनाव जीतने के बाद ये उम्मीदवार जनता के बीच नजर आएंगे या उन्हें भूल जाएंगे।

सरपंच का पद केवल कुर्सी, रुतबे और राजनीतिक पहचान का जरिया नहीं है, बल्कि यह जनता की सेवा करने और गाँव के विकास की जिम्मेदारी का प्रतीक है। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये का बजट आता है, जिसका एक-एक रुपया जनता के विकास पर पारदर्शिता के साथ खर्च होना चाहिए।

जनता को भी अब जागरूक होने की आवश्यकता है। केवल चुनाव के समय मिलने वाले सम्मान और झूठे वादों से प्रभावित न हों। उम्मीदवार की शिक्षा, ईमानदारी, कार्यक्षमता, व्यवहार और गाँव के विकास के विजन को देखकर ही फैसला करें।

यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि चुनाव पांच साल के लिए प्रतिनिधि चुनने का अवसर है। इसलिए ऐसे व्यक्ति को चुनें जो जीतने के बाद भी आपके बीच रहे, आपकी समस्या सुने और पंचायत के बजट का हिसाब देने से पीछे न हटे। जनता मालिक है और सरपंच सेवक।
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