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शिक्षा

श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय, हनुमानगढ़ के दीक्षांत समारोह में 384 छात्रों को उपाधियां, रामवीर तंवर को मानद डॉक्टरेट

✍️ रिपोर्टर: Yash karyani 🗓 31 अक्टू. 2026, 10:39 PM 👁 23
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हनुमानगढ़ के श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में आयोजित द्वितीय भव्य दीक्षांत समारोह में 384 विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को पीएचडी व स्नातकोत्तर उपाधियां दी गईं और पर्यावरण विज्ञान में ‘पॉन्डमैन ऑफ इंडिया’ रामवीर तंवर को मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया गया।

हनुमानगढ़ के श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय (एसकेडीयू) ने शनिवार को अपने परिसर में द्वितीय भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन किया। समारोह में 384 विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को पीएचडी और स्नातकोत्तर उपाधियां प्रदान की गईं। मुख्य अतिथि स्वामी ओम दास जी महाराज तथा पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गर्ग ने क्रमशः उद्बोधन एवं अध्यक्षता की।

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘पॉन्डमैन ऑफ इंडिया’ के रूप में प्रसिद्ध रामवीर तंवर को पर्यावरण विज्ञान में मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और स्वरोजगार जैसे विषयों पर विशेष प्रकाश डाला गया।

मुख्य अतिथि स्वामी ओम दास जी महाराज ने कहा कि ज्ञान प्राप्त करना शिक्षा है, जबकि शिक्षा के बाद अपने जीवन के उद्देश्य के प्रति संकल्प और समर्पण प्रदर्शित करना ही वास्तविक दीक्षा है। उन्होंने भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को निजी स्वार्थों से ऊपर उठकर राष्ट्र और समाज के हित में योगदान देने का आह्वान किया।

राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गर्ग ने विश्वविद्यालय की आठ वर्षों की यात्रा में शैक्षणिक विस्तार और नए स्टार्ट‑अप्स के उदय को सराहा। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने के बाद भी निरंतर सीखने और जीवनभर विद्यार्थी बने रहने की आवश्यकता पर बल दिया, तथा असफलता को सफलता की ओर बढ़ने का एक पड़ाव मानने की प्रेरणा दी।

हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के उपाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा एवं साधना के एक महत्वपूर्ण पड़ाव की पूर्णता का प्रतीक है। उन्होंने सत्य बोलने, कर्तव्य पालन और अपनी सभ्यता व संस्कृति के संरक्षण को राष्ट्रहित के प्राथमिकता के रूप में रखने का संदेश दिया।
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