शनिदेव के मंदिर के आगे गढ़े दे रहे है हादसों को निमंत्रण
प्रशासनिक उपेक्षा: नाचना के शनिदेव मंदिर के पास गड्ढे दे रहे हादसों को न्योता, ग्रामीणों में भारी रोष
नाचना। स्थानीय मुख्य मार्ग स्थित प्रसिद्ध शनिदेव मंदिर के ठीक सामने सडिक की बदहाली इन दिनों राहगीरों और श्रद्धालुओं के लिए आफत का कारण बनी हुई है। सड़क पर बने गहरे-गहरे गड्ढे रोजाना किसी बड़े हादसे को आमंत्रण दे रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग और प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।
शनिदेव मंदिर होने के कारण यहां रोजाना दर्जनों श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। शनिवार को यहां भक्तों की भारी भीड़ जुटती है, जिससे हादसों का अंदेशा और अधिक बढ़ जाता है। सड़क के बीचों-बीच मौजूद ये गड्ढे इतने गहरे हैं कि दोपहिया वाहन चालक संतुलन खोकर गिर जाते हैं। चार पहिया वाहनों को भी निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है।
कई बार सूचना देने के बाद भी नहीं जागी नींद
स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभाग को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया है। बावजूद इसके, आज तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके का मुआयना करने या मरम्मत कार्य शुरू करवाने की जहमत नहीं उठाई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी
प्रशासन की इस लगातार उपेक्षा से स्थानीय निवासियों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे या जनहानि का इंतजार कर रहा है? यदि जल्द ही इन गड्ढों को भरकर सड़क का डामरीकरण या मरम्मत कार्य नहीं करवाया गया, तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
नाचना। स्थानीय मुख्य मार्ग स्थित प्रसिद्ध शनिदेव मंदिर के ठीक सामने सडिक की बदहाली इन दिनों राहगीरों और श्रद्धालुओं के लिए आफत का कारण बनी हुई है। सड़क पर बने गहरे-गहरे गड्ढे रोजाना किसी बड़े हादसे को आमंत्रण दे रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग और प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।
शनिदेव मंदिर होने के कारण यहां रोजाना दर्जनों श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। शनिवार को यहां भक्तों की भारी भीड़ जुटती है, जिससे हादसों का अंदेशा और अधिक बढ़ जाता है। सड़क के बीचों-बीच मौजूद ये गड्ढे इतने गहरे हैं कि दोपहिया वाहन चालक संतुलन खोकर गिर जाते हैं। चार पहिया वाहनों को भी निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है।
कई बार सूचना देने के बाद भी नहीं जागी नींद
स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभाग को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया है। बावजूद इसके, आज तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके का मुआयना करने या मरम्मत कार्य शुरू करवाने की जहमत नहीं उठाई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी
प्रशासन की इस लगातार उपेक्षा से स्थानीय निवासियों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे या जनहानि का इंतजार कर रहा है? यदि जल्द ही इन गड्ढों को भरकर सड़क का डामरीकरण या मरम्मत कार्य नहीं करवाया गया, तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।