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04 Nov 2026•
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शिक्षा के बदलते स्वरूप पर मंथन के साथ दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन का समापन

शिक्षा के बदलते स्वरूप पर मंथन के साथ दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन का समापन

✍️ Reporter: Anuj jain 🗓 19 Sep 2026, 02:44 PM 👁 107
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, सोशल मीडिया, मातृभाषा में शिक्षा और जर्जर विद्यालयों सहित विभिन्न मुद्दों पर हुआ गंभीर मंथन, शिक्षकों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रस्ताव पारित

मनोहर थाना/अकलेरा। अखिल राजस्थान प्रबोधक संघ एवं राजस्थान पंचायती राज माध्यमिक शिक्षक संघ का दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन कामखेड़ा बालाजी में आयोजित होने के बाद शनिवार को संपन्न हुआ। सम्मेलन में जिले के आठ ब्लॉकों से करीब 500 प्रबोधक एवं शिक्षक शामिल हुए। समापन समारोह में शिक्षा के वर्तमान स्वरूप, शिक्षकों की समस्याओं और विद्यालयों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह सोढ़ी रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार गौतम, प्रदेश संयोजक रईस खान, प्रदेश सचिव सरफराज अहमद, श्याम मनोहर डोरिया, जिला उपाध्यक्ष रितेश चौधरी, जिला सभा अध्यक्ष राजेश कुमारी, नरेंद्र कुमार शर्मा, भूरालाल मीना, हंसराज मीणा, राजेंद्र मीणा, महेश जाट, जितेंद्र कुमार, हजारीलाल दांगी सहित विभिन्न पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह मेफावत एवं जितेंद्र सिंह चौहान ने की।
AI से लेकर जर्जर विद्यालयों तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा
सम्मेलन में आधुनिक शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका एवं चुनौतियां, विद्यार्थियों पर बढ़ता सोशल मीडिया का प्रभाव, प्राथमिक शिक्षा में मातृभाषा की चुनौतियां, विद्यालयों में मानवीय एवं भौतिक संसाधनों की कमी तथा जिले में जर्जर विद्यालयों की स्थिति सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया गया।
इस दौरान राष्ट्रीय एवं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक डॉ. दिवेन्दू सेन, प्रतिभावान शिक्षक दिनेश तंवर तथा पूर्व में सेवानिवृत्त प्रबोधक एवं अध्यापकों का सम्मान भी किया गया।
शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रस्ताव पारित
सम्मेलन में संगठन की विभिन्न मांगों को राज्य सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें प्रबोधक पद से पूर्व की सेवा की गणना का लाभ देने, बजट घोषणा 2024-25 के अनुसार प्रबोधक कैडर का पुनर्गठन करने, पैराटीचर, शिक्षाकर्मी, वंचित मदरसा पैराटीचर एवं पंचायत सहायकों को नियमित करने की मांग प्रमुख रही।
इसके अलावा वरिष्ठ प्रबोधकों की पदोन्नति के बाद उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद पर पदस्थापन, प्रबोधक कैडर को अध्यापक कैडर में मर्ज करने, तृतीय श्रेणी अध्यापक सहित समस्त शिक्षकों की DPC कराने, प्रबोधकों को राजस्थान शिक्षा सेवा नियम 2021 में शामिल करने, को 10 प्रतिशत ग्रामीण भत्ता देने तथा स्थानांतरण नीति बनाकर शीघ्र स्थानांतरण करने की मांग रखी गई।
सम्मेलन में शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने, वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त अध्यापक-प्रबोधकों को TET से मुक्त रखने तथा अध्यापक-प्रबोधकों की वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग भी सरकार के समक्ष रखने का निर्णय लिया गया।
आयोजन को सफल बनाने में रहा विशेष सहयोग
सम्मेलन को सफल बनाने में मनोहर थाना ब्लॉक से लालचंद, अनार सिंह तंवर, रामलाल मीणा, वाहिद अली, फैयाज अली, शाहिद अली, परमानंद लवंशी, मथुरा लाल लोधा, बालचंद जोगी तथा अकलेरा ब्लॉक से रामविलास मीणा, प्रमोद शर्मा, अनिल पारीक, रामलाल मीणा, बाबूलाल बैरवा, ओमप्रकाश रोहिल्ला, जगदीश भील, जगदीश लववंशी, हरि सिंह किराड़ सहित अनेक प्रबोधकों का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम का संचालन सरफराज अहमद एवं किशोर कुमार राठौर ने किया। अंत में जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह मेफावत एवं जितेंद्र सिंह चौहान ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं सहयोगियों का
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