अपराध
शहीद सब‑इंस्पेक्टर दिलीप पुरी की हत्या, अवैध शराब ट्रक से टक्कर से
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इंदौर‑बैतूल हाईवे पर अवैध शराब से लदे ट्रक से टकरा कर थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मृत्यु हो गई; पुलिस ने ट्रक जब्त कर माफिया को गिरफ्तार किया।
शहीद सब‑इंस्पेक्टर दिलीप पुरी, 2007 बैच के सब‑इंस्पेक्टर, जो मूलतः ग्राम बरमण्डल, सरदारपुर तहसील, धार जिले के निवासी थे, दो महीने पहले खातेगांव, देवास में थाना प्रभारी पद पर नियुक्त हुए थे। उनके पिता ओमप्रकाश पुरी एक कांग्रेस नेता व कृषक थे; परिवार में पत्नी कविता, एक पुत्र और एक पुत्री शामिल हैं।
रविवार‑सोमवार की रात 1 से 1:30 बजे के बीच इंदौर‑बैतूल/हरदा‑नेमावर हाईवे पर खातेगांव‑संदलपुर के बीच, सुपरिंटेंडेंट आदित्य मिश्रा को सूचना मिली कि हरदा से MP 43 H 4786 नंबर का आयशर ट्रक भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर इंदौर से गुजर रहा है। दिलीप पुरी ने अपनी टीम के साथ ट्रक को डिवाइडर के पास रोका और चालक को नीचे उतरने को कहा। चालक ने ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ाकर भागने की कोशिश की, जिससे ट्रक का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुज़रा और पुरी को गंभीर चोटें आईं।
ट्रक में 208 बॉक्स में कुल 1800 लीटर IMFL शराब छिपी हुई थी, जिसे नीचे तहखाना बनाकर छुपाया गया था। गंभीर रूप से घायल पुरी को खातेगांव प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने दो घंटे तक हृदय‑फेफड़े पुनर्जीवन (CPR) तथा आपातकालीन उपचार किया, पर अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।
ट्रक चालक ट्रक को संदलपुर फाटे पर छोड़कर फरार हो गया; ट्रक को जब्त कर संदलपुर थाने में रखा गया। शराब माफिया केरम सिंह को आलीराजपुर के बेहड़वा गांव से गिरफ्तार किया गया और मुख्य चालक की खोज में तीन टीमें आलीराजपुर भेजी गईं। इस घटना की पूरी जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई और स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को मौके पर भेजा गया।
मुख्य मंत्री मोहन यादव ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया, परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने और पत्नी कविता को सब‑इंस्पेक्टर पद पर अनुकम्पा नियुक्ति का ऐलान किया। शहीद की परिधि को तिरंगे में लपेटकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और उनके पैतृक गांव बरमण्डल में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
समाचार संकलन:अमित कुकरेजा
रविवार‑सोमवार की रात 1 से 1:30 बजे के बीच इंदौर‑बैतूल/हरदा‑नेमावर हाईवे पर खातेगांव‑संदलपुर के बीच, सुपरिंटेंडेंट आदित्य मिश्रा को सूचना मिली कि हरदा से MP 43 H 4786 नंबर का आयशर ट्रक भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर इंदौर से गुजर रहा है। दिलीप पुरी ने अपनी टीम के साथ ट्रक को डिवाइडर के पास रोका और चालक को नीचे उतरने को कहा। चालक ने ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ाकर भागने की कोशिश की, जिससे ट्रक का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुज़रा और पुरी को गंभीर चोटें आईं।
ट्रक में 208 बॉक्स में कुल 1800 लीटर IMFL शराब छिपी हुई थी, जिसे नीचे तहखाना बनाकर छुपाया गया था। गंभीर रूप से घायल पुरी को खातेगांव प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने दो घंटे तक हृदय‑फेफड़े पुनर्जीवन (CPR) तथा आपातकालीन उपचार किया, पर अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।
ट्रक चालक ट्रक को संदलपुर फाटे पर छोड़कर फरार हो गया; ट्रक को जब्त कर संदलपुर थाने में रखा गया। शराब माफिया केरम सिंह को आलीराजपुर के बेहड़वा गांव से गिरफ्तार किया गया और मुख्य चालक की खोज में तीन टीमें आलीराजपुर भेजी गईं। इस घटना की पूरी जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई और स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को मौके पर भेजा गया।
मुख्य मंत्री मोहन यादव ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया, परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने और पत्नी कविता को सब‑इंस्पेक्टर पद पर अनुकम्पा नियुक्ति का ऐलान किया। शहीद की परिधि को तिरंगे में लपेटकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और उनके पैतृक गांव बरमण्डल में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
समाचार संकलन:अमित कुकरेजा