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शाहजहांपुर में मंदिर परिसर में दो सेवादारों की हत्या कर शव जलाया
देर रात गांव के ही व्यक्ति ने की वारदात, तख्त पर दोनों के अवशेष मिले वारदात के बाद स्नान कर घर में सो गया आरोपित, पुलिस ने घर से ही किया गिरफ्तार,
खुदागंज के सूथा गांव स्थित मंदिर परिसर में सेवादार थे। गांव के ही दूसरे मंदिर पर सेवादार बाबा बिहारी दास रहते थे, लेकिन एक माह से वह भी गोपालदास के साथ रहने लगे थे। गांव के ही सुमित सिंह का इन दोनों सेवादारों के पास उठना-बैठना था। सुमित करीब एक माह पहले ही जेल से छूटा था। वह मंदिर पर कता करने की नीयत रखता था। इसी वजह से उसने दोनों को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। बुधवार देर रात वह घर से चरपाई का पाइप लेकर मंदिर पर पहुंच गया। दोनों सेवादारों से कुछ देर बातचीत करने के बाद वहीं सी गया। देर रात
उसने सोते समय पहले गोपालदास के सिर पर पाइप से प्रहार कर हत्या कर दी। जब तक एक पैर, हाथ से दिव्यांग बाबा बिहारी दास उठे, तब तक उनके भी सिर पर ताबड़तोड़ कई प्रहार कर दिए जिससे दोनों को मौके पर ही मृत्यु हो गई। मंदिर परिसर में ही दीपक जलाने के लिए रखे तेल व धी को कपड़े पर डालकर आग लगा दी। कुछ देर वहां रुकने के बाद सुमित घर चला गया। वहां स्नान करने के बाद सो गया। सुबह जब ग्रामीण मंदिर पर पहुंचे तो दोनों सेवादारों के अवशेष तख्त पर पड़े देख पुलिस को घटना के बारे में बताया।
उसने सोते समय पहले गोपालदास के सिर पर पाइप से प्रहार कर हत्या कर दी। जब तक एक पैर, हाथ से दिव्यांग बाबा बिहारी दास उठे, तब तक उनके भी सिर पर ताबड़तोड़ कई प्रहार कर दिए जिससे दोनों को मौके पर ही मृत्यु हो गई। मंदिर परिसर में ही दीपक जलाने के लिए रखे तेल व धी को कपड़े पर डालकर आग लगा दी। कुछ देर वहां रुकने के बाद सुमित घर चला गया। वहां स्नान करने के बाद सो गया। सुबह जब ग्रामीण मंदिर पर पहुंचे तो दोनों सेवादारों के अवशेष तख्त पर पड़े देख पुलिस को घटना के बारे में बताया।