Crime
शोएब आजम की गिरफ्तारी पर बवाल, पूर्व जिला परिषद सदस्य ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
शोएब आजम की गिरफ्तारी के बाद वसीम राजा ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
समस्तीपुर: जिले के वारिसनगर थाना क्षेत्र के सतमलपुर से एक अपहरण मामले को लेकर मामला चर्चा में है। राजद नेता शोएब आजम की गिरफ्तारी के बाद वारिसनगर क्षेत्र के पूर्व जिला परिषद सदस्य वसीम राजा ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
वसीम राजा का आरोप है कि उनके बड़े भाई को साजिश के तहत अपहरण के मामले में फंसाकर जेल भेजा गया है। उनका दावा है कि जिस मामले को अपहरण का रूप दिया गया, उसकी पृष्ठभूमि में पहले से चला आ रहा जमीन और पैसे के लेन-देन का विवाद है।
वसीम राजा ने वारिसनगर थाना पुलिस पर कथित रूप से अवैध राशि की मांग करने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मांग पूरी नहीं होने पर उनके परिवार के लोगों को अलग-अलग मामलों में फंसाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि अपहरण मामले में बनाए गए एक गवाह के परिवार का पुराना जमीन विवाद न्यायालय में लंबित है। वसीम राजा ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हालांकि, वसीम राजा द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल शोएब आजम की गिरफ्तारी के बाद यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का रूप लेता दिखाई दे रहा है और सबकी नजर पुलिस की आगे की कार्रवाई पर है।
वसीम राजा का आरोप है कि उनके बड़े भाई को साजिश के तहत अपहरण के मामले में फंसाकर जेल भेजा गया है। उनका दावा है कि जिस मामले को अपहरण का रूप दिया गया, उसकी पृष्ठभूमि में पहले से चला आ रहा जमीन और पैसे के लेन-देन का विवाद है।
वसीम राजा ने वारिसनगर थाना पुलिस पर कथित रूप से अवैध राशि की मांग करने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मांग पूरी नहीं होने पर उनके परिवार के लोगों को अलग-अलग मामलों में फंसाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि अपहरण मामले में बनाए गए एक गवाह के परिवार का पुराना जमीन विवाद न्यायालय में लंबित है। वसीम राजा ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हालांकि, वसीम राजा द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल शोएब आजम की गिरफ्तारी के बाद यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का रूप लेता दिखाई दे रहा है और सबकी नजर पुलिस की आगे की कार्रवाई पर है।