📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prakash Satnami (वार्ता)
देश
सीओओ को भी सीएम हेल्पलाइन का सहारा, दूषित पानी की शिकायत अनसुनी
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 22 जून 2026, 08:31 PM
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सिवनी जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को दूषित पानी की समस्या के समाधान के लिए खुद मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करानी पड़ी, क्योंकि उनकी अपनी शिकायत पर दफ्तर में सुनवाई नहीं हुई।
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में एक मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को दूषित पानी की गंभीर समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। यह कदम तब उठाया गया जब सीएमओ की अपनी शिकायत पर स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं मिला।
यह घटना एक असामान्य स्थिति को दर्शाती है, जहाँ एक प्रशासनिक अधिकारी को अपनी ही समस्या के निवारण के लिए उच्च स्तरीय हेल्पलाइन पर निर्भर रहना पड़ा। सामान्यतः, नागरिक अपनी अनसुनी शिकायतों के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का रुख करते हैं, लेकिन यहाँ मामला इसके विपरीत है।
इस प्रकरण ने स्थानीय प्रशासन द्वारा शिकायतों के निपटान की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं, खासकर जब बात पेयजल जैसी आवश्यक सेवा से जुड़ी हो। एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा हेल्पलाइन का सहारा लेना, स्थानीय स्तर पर प्रभावी समाधान तंत्र की कमी की ओर इशारा करता है।
यह घटना एक असामान्य स्थिति को दर्शाती है, जहाँ एक प्रशासनिक अधिकारी को अपनी ही समस्या के निवारण के लिए उच्च स्तरीय हेल्पलाइन पर निर्भर रहना पड़ा। सामान्यतः, नागरिक अपनी अनसुनी शिकायतों के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का रुख करते हैं, लेकिन यहाँ मामला इसके विपरीत है।
इस प्रकरण ने स्थानीय प्रशासन द्वारा शिकायतों के निपटान की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं, खासकर जब बात पेयजल जैसी आवश्यक सेवा से जुड़ी हो। एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा हेल्पलाइन का सहारा लेना, स्थानीय स्तर पर प्रभावी समाधान तंत्र की कमी की ओर इशारा करता है।