📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President of Russia
विदेश
SCMP का मत: मोदी‑शी अकेले भारत‑चीन तनाव नहीं सुलझा सकते
✍️ South China Morning Post
🗓 10 अक्टू. 2026, 07:47 AM
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साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने एक राय लेख में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग अकेले भारत‑चीन के बढ़ते अंतर को नहीं पाट सकते।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) ने “Modi and Xi can’t bridge the India‑China divide by themselves” शीर्षक से एक राय लेख प्रकाशित किया। इस लेख में कहा गया है कि भारत‑चीन के द्विपक्षीय संबंध केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के व्यक्तिगत संबंधों पर निर्भर नहीं रह सकते।
लेखक का मानना है कि कूटनीतिक, रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में मौजूद गहरी टकरावों को सुलझाने के लिए बहुपक्षीय प्रयास, क्षेत्रीय साझेदारियों और निरंतर नीति संवाद की आवश्यकता है। केवल उच्च‑स्तरीय बैठकों पर भरोसा करना इन जटिल मुद्दों को हल करने में अपर्याप्त रहेगा।
SCMP का यह विचार दोनों देशों को विदेश मंत्रालय, व्यापार संगठनों और सुरक्षा संस्थाओं सहित व्यापक हितधारकों को शामिल करने की सलाह देता है, ताकि प्रतिस्पर्धा और सहयोग दोनों को संतुलित करने वाला एक व्यापक ढांचा तैयार किया जा सके।
हालांकि लेख में विशिष्ट नीतियों का उल्लेख नहीं है, लेकिन यह निरंतर संवाद और विश्वास‑निर्माण उपायों की आवश्यकता पर बल देता है, जिससे केवल शिखर सम्मेलनों से परे एक स्थायी संबंध स्थापित हो सके।
लेखक का मानना है कि कूटनीतिक, रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में मौजूद गहरी टकरावों को सुलझाने के लिए बहुपक्षीय प्रयास, क्षेत्रीय साझेदारियों और निरंतर नीति संवाद की आवश्यकता है। केवल उच्च‑स्तरीय बैठकों पर भरोसा करना इन जटिल मुद्दों को हल करने में अपर्याप्त रहेगा।
SCMP का यह विचार दोनों देशों को विदेश मंत्रालय, व्यापार संगठनों और सुरक्षा संस्थाओं सहित व्यापक हितधारकों को शामिल करने की सलाह देता है, ताकि प्रतिस्पर्धा और सहयोग दोनों को संतुलित करने वाला एक व्यापक ढांचा तैयार किया जा सके।
हालांकि लेख में विशिष्ट नीतियों का उल्लेख नहीं है, लेकिन यह निरंतर संवाद और विश्वास‑निर्माण उपायों की आवश्यकता पर बल देता है, जिससे केवल शिखर सम्मेलनों से परे एक स्थायी संबंध स्थापित हो सके।