📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann
टेक्नोलॉजी
स्किंदिया ने सी‑डॉट से भारत की 6G पहल और स्वदेशी टेलीकॉम तकनीक को विश्व स्तर पर ले जाने का आग्रह किया
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🗓 25 अग. 2026, 08:57 PM
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केंद्रीय दूरसंचार विकास केंद्र (C‑DOT) को 6G अनुसंधान का नेतृत्व करने और स्वदेशी टेलीकॉम समाधान को विदेशों में ले जाने का आग्रह किया गया।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य स्किंदिया ने दूरसंचार अधिकारियों के समक्ष सी‑डॉट (C‑DOT) को भारत की 6G तकनीक के प्रमुख एजेंसी बनने का आग्रह किया। उन्होंने स्वदेशी 6G इकोसिस्टम के विकास के strategic महत्व को रेखांकित किया, जिससे विदेशी विक्रेताओं पर निर्भरता घटेगी।
स्किंदिया ने कहा कि भारत को 5G के बाद 6G की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ाना चाहिए, और इसके लिए देश की इंजीनियरिंग क्षमता व मौजूदा शोध बुनियादी ढाँचे का उपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने सी‑डॉट को शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्ट‑अप्स और उद्योग के साथ मिलकर प्रोटोटाइप विकास व मानकीकरण को तेज़ करने का सुझाव दिया।
उन्होंने स्वदेशी टेलीकॉम हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर को वैश्विक बाजार में निर्यात करने के लिए एक समन्वित प्रयास करने की भी अपील की, और इस लक्ष्य को साकार करने के लिए सरकार नीति समर्थन व फंडिंग प्रदान करेगी।
सी‑डॉट के अधिकारियों ने मौजूदा मिली‑मीटर वेव कम्युनिकेशन और एआई‑आधारित नेटवर्क प्रबंधन परियोजनाओं को 6G के आधार के रूप में बताया और कार्य योजना तैयार कर मंत्रालय को प्रस्तुत करने का वचन दिया।
टेलीकॉम क्षेत्र के सभी हितधारक इस पहल को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि 6G की दिशा में कदम भारत को वैश्विक तकनीकी मंच पर नई स्थिति दिला सकता है और घरेलू निर्माताओं के लिए नए अवसर सृजित कर सकता है।
स्किंदिया ने कहा कि भारत को 5G के बाद 6G की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ाना चाहिए, और इसके लिए देश की इंजीनियरिंग क्षमता व मौजूदा शोध बुनियादी ढाँचे का उपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने सी‑डॉट को शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्ट‑अप्स और उद्योग के साथ मिलकर प्रोटोटाइप विकास व मानकीकरण को तेज़ करने का सुझाव दिया।
उन्होंने स्वदेशी टेलीकॉम हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर को वैश्विक बाजार में निर्यात करने के लिए एक समन्वित प्रयास करने की भी अपील की, और इस लक्ष्य को साकार करने के लिए सरकार नीति समर्थन व फंडिंग प्रदान करेगी।
सी‑डॉट के अधिकारियों ने मौजूदा मिली‑मीटर वेव कम्युनिकेशन और एआई‑आधारित नेटवर्क प्रबंधन परियोजनाओं को 6G के आधार के रूप में बताया और कार्य योजना तैयार कर मंत्रालय को प्रस्तुत करने का वचन दिया।
टेलीकॉम क्षेत्र के सभी हितधारक इस पहल को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि 6G की दिशा में कदम भारत को वैश्विक तकनीकी मंच पर नई स्थिति दिला सकता है और घरेलू निर्माताओं के लिए नए अवसर सृजित कर सकता है।