📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
विज्ञान
वैज्ञानिकों ने खोजा 12‑मिलियन वर्ष पुरानी हिमाचल पत्ती पर नया प्राचीन कवक प्रजाति
✍️ Research Matters
🗓 26 सित. 2026, 10:16 PM
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शोधकर्ताओं ने हिमाचल प्रदेश में पाई गई 12‑मिलियन वर्ष पुरानी फॉसिल पत्ती पर एक नई प्राचीन कवक प्रजाति की पहचान की, जो प्रागैतिहासिक कवक जीवन पर नई रोशनी डालती है।
हिमाचल प्रदेश के एक स्थल से प्राप्त 12‑मिलियन वर्ष पुरानी फॉसिल पत्ती पर एक नई प्राचीन कवक प्रजाति की खोज पालेओबोटेनिस्ट्स और माइकोलॉजिस्ट्स की एक टीम ने की है।
फॉसिल में सूक्ष्म कवक के हाइफ़ा और स्पोर्स दिखाई देते हैं, जिन्हें स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी और प्राचीन नमूनों के लिए अनुकूलित DNA अनुक्रमण तकनीकों से विश्लेषित किया गया।
प्रमुख शोधकर्ता डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि इस कवक का स्वरूप ज्ञात जुरासिक और क्रेटेशियस कवकों से अलग है, जो प्रारंभिक मियोसीन में मौजूद एक विशिष्ट विकासवादी पंक्ति का संकेत देता है।
यह खोज प्रारंभिक एंजियोस्पर्म्स और कवकों के बीच सहजीवी संबंधों पर एक दुर्लभ दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, और टीम हिमालय के अन्य फॉसिल साइट्स पर आगे के साक्ष्य खोजने की योजना बना रही है।
फॉसिल में सूक्ष्म कवक के हाइफ़ा और स्पोर्स दिखाई देते हैं, जिन्हें स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी और प्राचीन नमूनों के लिए अनुकूलित DNA अनुक्रमण तकनीकों से विश्लेषित किया गया।
प्रमुख शोधकर्ता डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि इस कवक का स्वरूप ज्ञात जुरासिक और क्रेटेशियस कवकों से अलग है, जो प्रारंभिक मियोसीन में मौजूद एक विशिष्ट विकासवादी पंक्ति का संकेत देता है।
यह खोज प्रारंभिक एंजियोस्पर्म्स और कवकों के बीच सहजीवी संबंधों पर एक दुर्लभ दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, और टीम हिमालय के अन्य फॉसिल साइट्स पर आगे के साक्ष्य खोजने की योजना बना रही है।