📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Riaz Ahmed
बिज़नेस
यूपी के एक व्यक्ति की दुर्घटना में मौत के बाद SBI को 2 लाख रुपये देने का आदेश
✍️ The Indian Express
🗓 29 अक्टू. 2026, 10:38 AM
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उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति की दुर्घटना में मौत के बाद, अदालत ने SBI को 2 लाख रुपये मुआवज़ा देने का आदेश दिया है, क्योंकि उसके खाते से बीमा प्रीमियम कटौती नहीं की गई थी।
न्यायिक प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति के परिवार को 2 लाख रुपये मुआवज़ा देने का आदेश स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को दिया है। यह आदेश उस व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के बाद, उसके बैंक खाते और बीमा कवरेज से जुड़े विवाद के निपटान के तौर पर जारी किया गया है।
मामले की मुख्य समस्या यह थी कि खाते से जुड़े बीमा प्रीमियम को बैंक द्वारा कटौती नहीं किया गया, हालाँकि पॉलिसी सक्रिय थी। अदालत ने पाया कि बैंक की ओर से इस कटौती में विफलता ने परिवार को आर्थिक नुकसान का कारण बनाया।
इस फैसले में वित्तीय संस्थानों की ज़िम्मेदारी पर जोर दिया गया है कि वे बीमा और अन्य लिंक सेवाओं के लिए स्वचालित कटौती को सटीकता से प्रोसेस करें। 2 लाख रुपये का मुआवज़ा प्रीमियम की न कटौती और परिजनों को बीमा लाभों से वंचित रहने के नुकसान की भरपाई के लिए निर्धारित किया गया है।
यह निर्णय बैंकों के लिए एक चेतावनी है कि उन्हें ग्राहक की मौत या आर्थिक विवादों के मामलों में कानूनी ज़िम्मेदारी से बचने के लिए खाता निर्देशों और बीमा समझौतों के साथ कड़ी अनुपालना बनाए रखनी चाहिए।
मामले की मुख्य समस्या यह थी कि खाते से जुड़े बीमा प्रीमियम को बैंक द्वारा कटौती नहीं किया गया, हालाँकि पॉलिसी सक्रिय थी। अदालत ने पाया कि बैंक की ओर से इस कटौती में विफलता ने परिवार को आर्थिक नुकसान का कारण बनाया।
इस फैसले में वित्तीय संस्थानों की ज़िम्मेदारी पर जोर दिया गया है कि वे बीमा और अन्य लिंक सेवाओं के लिए स्वचालित कटौती को सटीकता से प्रोसेस करें। 2 लाख रुपये का मुआवज़ा प्रीमियम की न कटौती और परिजनों को बीमा लाभों से वंचित रहने के नुकसान की भरपाई के लिए निर्धारित किया गया है।
यह निर्णय बैंकों के लिए एक चेतावनी है कि उन्हें ग्राहक की मौत या आर्थिक विवादों के मामलों में कानूनी ज़िम्मेदारी से बचने के लिए खाता निर्देशों और बीमा समझौतों के साथ कड़ी अनुपालना बनाए रखनी चाहिए।