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सावन के झूले कहां गए?
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Brendan
जीवनशैली

सावन के झूले कहां गए?

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 05 अग. 2026, 04:17 PM 👁 30
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शहरीकरण और आधुनिक जीवनशैली के कारण सावन के झूले शहरों से लगभग गायब हो गए हैं। यह परिवर्तन मध्य प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में देखा जा रहा है।

सावन का महीना हरियाली, बारिश, झूलों और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। लेकिन शहरीकरण और आधुनिक जीवनशैली के कारण सावन के झूले शहरों से लगभग गायब हो गए हैं। मध्य प्रदेश में यह趨势 स्पष्ट है, जहां त्योहार का एक अभिन्न अंग रहे झूले अब शायद ही दिखाई देते हैं। इसके पीछे कई कारण हैं, लेकिन मुख्य कारण लोगों की बदलती जीवनशैली है, जो अब पारंपरिक बाहरी खेलों और उत्सवों की तुलना में इनडोर गतिविधियों को पसंद करते हैं।
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