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स्वामित्व योजना: आबादी भूमि की रजिस्ट्री के लिए गांवों में ई-केवाईसी कार्य जारी, सरकार उठाएगी पूरा खर्च
Sarkari Yojana

स्वामित्व योजना: आबादी भूमि की रजिस्ट्री के लिए गांवों में ई-केवाईसी कार्य जारी, सरकार उठाएगी पूरा खर्च

✍️ Reporter: Pranav Gaur 🗓 22 Sep 2026, 09:54 PM 👁 86
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"स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन" अभियान के तहत आबादी भूमि की रजिस्ट्री के लिए गांवों में ई-केवाईसी का काम तेजी से चल रहा है। इस योजना के तहत निजी संपत्तियों का पंजीकरण पूरी तरह से निःशुल्क होगा और इसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।

"स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन" अभियान के तहत आबादी भूमि की रजिस्ट्री सुनिश्चित करने के लिए जिले के विभिन्न गांवों में ई-केवाईसी का कार्य तेजी से किया जा रहा है। शनिवार को ग्राम समूदन, चिरूली, मसूदपुर, टिकटौली, बाजना, भगेह, रिछारीकला और सुपाट सहित कई अन्य गांवों में मैदानी शासकीय सेवकों द्वारा ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की गई। इस महत्वपूर्ण कार्य में ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक और तहसील के कर्मचारी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जिन्हें स्थानीय सेवाभावी युवाओं और नागरिकों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है।

इस योजना के अंतर्गत रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरा करने के लिए हितग्राही के आबादी भूखंड की लैंड लिंकिंग और आवेदक की समग्र आईडी से ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है। यह पूरी आवेदन प्रक्रिया ‘सारा’ (SARA) मोबाइल ऐप के माध्यम से संचालित की जा रही है। इसके बाद, ‘संपदा’ ऐप पर पंजीयन अधिकारी द्वारा विलेख (रजिस्ट्री) का पंजीकरण किया जाएगा। इस प्रक्रिया में भूलेख पोर्टल के माध्यम से भूमि स्वामी के आधार ई-केवाईसी और लैंड लिंकिंग की कार्रवाई की जा रही है।

योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके तहत निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों का पंजीकरण पूरी तरह से निःशुल्क होगा। नागरिकों से किसी भी प्रकार की स्टाम्प ड्यूटी या पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा और इसकी संपूर्ण राशि का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से निर्मित होने वाले निजी अधिकार अभिलेखों के आधार पर नागरिकों को गृह निर्माण, व्यवसाय, कृषि और अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए बैंकों से सुगमता से ऋण मिल सकेगा, जिससे उनकी आजीविका और आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।
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