📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Biswarup Ganguly
स्थानीय
सतना में दूषित पानी की आपूर्ति पर कांग्रेस‑भाजपा पार्षदों ने किया धरना, मिली लिखित आश्वासन
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 12 सित. 2026, 09:47 PM
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सतना में दूषित व अपर्याप्त पेयजल के विरोध में कांग्रेस पार्षदों ने फिल्टर प्लांट पर धरना किया, कुछ भाजपा पार्षदों ने समर्थन दिया और लिखित आश्वासन प्राप्त किया।
मध्य प्रदेश के सतना में सुरक्षित पेयजल की कमी और दूषित पानी की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं, जिससे नागरिकों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं उत्पन्न हुई हैं। जल शोधन संयंत्र, जो पानी को शुद्ध करने के लिए जिम्मेदार है, को अब कड़े परीक्षण और सुधार की मांग का सामना करना पड़ रहा है।
इन समस्याओं के जवाब में कांग्रेस के कई पार्षदों ने संयंत्र के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू किया, तत्काल कार्रवाई की मांग की। कुछ भाजपा पार्षदों ने भी इस आंदोलन में शामिल होकर समर्थन जताया, जिससे जल समस्या पर पार्षद स्तर पर एकजुटता स्पष्ट हुई।
स्थानीय प्राधिकरणों ने पार्षदों के साथ चर्चा कर लिखित आश्वासन दिया, जिसमें शीघ्र मरम्मत, नियमित गुणवत्ता जांच और पानी की आपूर्ति में सुधार का वादा शामिल है। यह लिखित आश्वासन धरना स्थल पर ही पार्षदों को सौंपा गया।
पार्षदों ने निरंतर निगरानी और जल गुणवत्ता की जानकारी जनता तक पहुँचाने की मांग की है, यह कहते हुए कि साफ़ पानी तक भरोसेमंद पहुंच हर नागरिक का मूलभूत अधिकार है।
इन समस्याओं के जवाब में कांग्रेस के कई पार्षदों ने संयंत्र के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू किया, तत्काल कार्रवाई की मांग की। कुछ भाजपा पार्षदों ने भी इस आंदोलन में शामिल होकर समर्थन जताया, जिससे जल समस्या पर पार्षद स्तर पर एकजुटता स्पष्ट हुई।
स्थानीय प्राधिकरणों ने पार्षदों के साथ चर्चा कर लिखित आश्वासन दिया, जिसमें शीघ्र मरम्मत, नियमित गुणवत्ता जांच और पानी की आपूर्ति में सुधार का वादा शामिल है। यह लिखित आश्वासन धरना स्थल पर ही पार्षदों को सौंपा गया।
पार्षदों ने निरंतर निगरानी और जल गुणवत्ता की जानकारी जनता तक पहुँचाने की मांग की है, यह कहते हुए कि साफ़ पानी तक भरोसेमंद पहुंच हर नागरिक का मूलभूत अधिकार है।