स्थानीय
सेंधवा में पहली बार रावण के साथ कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन होगा
सेंधवा शहर में इस बार दशहरा पर्व पर एक अनूठी परंपरा देखने को मिलेगी। पहली बार रावण के साथ-साथ कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का भी दहन किया जाएगा।
सेंधवा शहर में इस वर्ष दशहरा पर्व पर एक विशेष आयोजन किया जा रहा है। पहली बार, बुराई के प्रतीक माने जाने वाले रावण के पुतले के साथ-साथ उसके भाई कुंभकरण और पुत्र मेघनाथ के पुतलों का भी दहन किया जाएगा। जिसमें रावण का 71 फीट ऊंचा एवं 41- 41 फीट मेघनाथ और कुंभकरण का पुतला दहन किया जाएगा यह आयोजन शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।
परंपरागत रूप से, दशहरा के अवसर पर केवल रावण के पुतले का दहन किया जाता रहा है। लेकिन इस बार, सेंधवा निगम आयोजकों ने एक नया कदम उठाते हुए कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों को भी शामिल किया है। इस पहल का उद्देश्य बुराई के विभिन्न रूपों का अंत करने का संदेश देना है।
इस अनूठे आयोजन को लेकर शहरवासियों में उत्साह का माहौल है। उम्मीद है कि यह नई परंपरा दशहरा पर्व को और भी यादगार बनाएगी और लोगों को बुराई पर अच्छाई की जीत के संदेश को गहराई से समझने का अवसर प्रदान करेगी।
सेंधवा से दिनेश की रिपोर्ट
परंपरागत रूप से, दशहरा के अवसर पर केवल रावण के पुतले का दहन किया जाता रहा है। लेकिन इस बार, सेंधवा निगम आयोजकों ने एक नया कदम उठाते हुए कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों को भी शामिल किया है। इस पहल का उद्देश्य बुराई के विभिन्न रूपों का अंत करने का संदेश देना है।
इस अनूठे आयोजन को लेकर शहरवासियों में उत्साह का माहौल है। उम्मीद है कि यह नई परंपरा दशहरा पर्व को और भी यादगार बनाएगी और लोगों को बुराई पर अच्छाई की जीत के संदेश को गहराई से समझने का अवसर प्रदान करेगी।
सेंधवा से दिनेश की रिपोर्ट