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सीतापुर में शारदा-घाघरा का बढ़ा जलस्तर, कटान से तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता
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सीतापुर। शारदा और घाघरा नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा बढ़ गया है। बैराजों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
सीतापुर। शारदा और घाघरा नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा बढ़ गया है। बैराजों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, बैराजों से करीब 4.36 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी की बढ़ती मात्रा के कारण शारदा और घाघरा नदी उफान पर हैं। नदी का पानी किनारे के इलाकों की ओर बढ़ने के साथ ही कई स्थानों पर कटान भी तेज हो गया है।
नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों में बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता बनी हुई है। कटान के कारण खेतों और आसपास के क्षेत्रों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। प्रशासन और संबंधित विभाग नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। वहीं, जलस्तर में और बढ़ोतरी होने पर निचले इलाकों में परेशानी बढ़ सकती है।
फिलहाल शारदा और घाघरा नदियों के बढ़ते जलस्तर ने सीतापुर के नदी तटीय क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, बैराजों से करीब 4.36 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी की बढ़ती मात्रा के कारण शारदा और घाघरा नदी उफान पर हैं। नदी का पानी किनारे के इलाकों की ओर बढ़ने के साथ ही कई स्थानों पर कटान भी तेज हो गया है।
नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों में बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता बनी हुई है। कटान के कारण खेतों और आसपास के क्षेत्रों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। प्रशासन और संबंधित विभाग नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। वहीं, जलस्तर में और बढ़ोतरी होने पर निचले इलाकों में परेशानी बढ़ सकती है।
फिलहाल शारदा और घाघरा नदियों के बढ़ते जलस्तर ने सीतापुर के नदी तटीय क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है।