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सीतापुर में 40 दिन बाद भी बाघिन का सुराग नहीं: पाड़वे का शिकार किया, ट्रैंकुलाइज नहीं हो सकी।
सीतापुर में 40 दिन बाद भी बाघिन का सुराग नहीं
सीतापुर। संदना क्षेत्र में दहशत का कारण बनी बाघिन को पकड़ने में वन विभाग को अब तक सफलता नहीं मिली है। करीब 40 दिनों से बाघिन की तलाश जारी है। इमलीपुरवा गांव में उसे पकड़ने के लिए खेत में बांधे गए पड़वे का बाघिन ने शिकार कर लिया, लेकिन मौके पर तैनात वन विभाग की टीम को इसकी भनक तक नहीं लगी।
बताया गया कि 15 जुलाई को रसुलवा गांव में किसान पर हमले के बाद से वन विभाग बाघिन की तलाश में जुटा है। क्षेत्र में ट्रैप कैमरे, पिंजरे और ट्रैंकुलाइजेशन टीम तैनात की गई है। इसके बावजूद बाघिन लगातार टीम को चकमा दे रही है।
इमलीपुरवा में पड़वे का शिकार किए जाने के बाद वन विभाग ने मौके पर कांबिंग की, जहां पड़वे का क्षत-विक्षत शव मिला। इससे ग्रामीणों में एक बार फिर दहशत बढ़ गई है। इससे पहले भी बाघिन द्वारा पड़वे का शिकार किए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में बाघिन के ताजा पगचिह्न मिले हैं। टीम लगातार कांबिंग और निगरानी कर रही है। बाघिन की मौजूदगी से आसपास के ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है और लोग खेतों की ओर जाने से भी बच रहे हैं।
बताया गया कि 15 जुलाई को रसुलवा गांव में किसान पर हमले के बाद से वन विभाग बाघिन की तलाश में जुटा है। क्षेत्र में ट्रैप कैमरे, पिंजरे और ट्रैंकुलाइजेशन टीम तैनात की गई है। इसके बावजूद बाघिन लगातार टीम को चकमा दे रही है।
इमलीपुरवा में पड़वे का शिकार किए जाने के बाद वन विभाग ने मौके पर कांबिंग की, जहां पड़वे का क्षत-विक्षत शव मिला। इससे ग्रामीणों में एक बार फिर दहशत बढ़ गई है। इससे पहले भी बाघिन द्वारा पड़वे का शिकार किए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में बाघिन के ताजा पगचिह्न मिले हैं। टीम लगातार कांबिंग और निगरानी कर रही है। बाघिन की मौजूदगी से आसपास के ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है और लोग खेतों की ओर जाने से भी बच रहे हैं।