सात महीने से वेतन नहीं मिलने पर सिटिजन फाउंडेशन अड़की अस्पताल की ओपीडी बंद
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सात महीने से वेतन नहीं मिलने पर सिटिजन फाउंडेशन अड़की अस्पताल की ओपीडी बंद
अड़की: अड़की में स्वास्थ्य सेवाओं पर कर्मचारियों के वेतन संकट का असर दिखने लगा है। झारखंड सरकार के कल्याण विभाग द्वारा सिटिजन फाउंडेशन के माध्यम से संचालित अस्पताल के कर्मचारियों को पिछले सात महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण सोमवार को ओपीडी सेवा बंद रखी गई। इससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को बिना उपचार के लौटना पड़ा। हालांकि, आईपीडी सेवा चालू रही।अस्पताल में प्रतिदिन करीब 80 से 100 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सात महीने से वेतन नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है और परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है।कर्मचारियों ने खूंटी सांसद कालीचरण मुंडा को पत्र लिखकर बकाया मानदेय के भुगतान की मांग की है। उनका आरोप है कि सिटिजन फाउंडेशन ने पिछले 20 महीने के कार्यकाल में उन्हें केवल तीन बार भुगतान किया गया है। वहीं, सफाईकर्मी जयवंती सोय ने बकाया वेतन के भुगतान के साथ मानदेय बढ़ाने की भी मांग की गई थी लेकिन मानदेय का भी बढ़ोतरी नहीं है है । वही मानदेय के। मामले में कर्मचारियों ने बताया कि, बार-बार आश्वासन के बावजूद अब तक भुगतान नहीं किया गया है।
अड़की: अड़की में स्वास्थ्य सेवाओं पर कर्मचारियों के वेतन संकट का असर दिखने लगा है। झारखंड सरकार के कल्याण विभाग द्वारा सिटिजन फाउंडेशन के माध्यम से संचालित अस्पताल के कर्मचारियों को पिछले सात महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण सोमवार को ओपीडी सेवा बंद रखी गई। इससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को बिना उपचार के लौटना पड़ा। हालांकि, आईपीडी सेवा चालू रही।अस्पताल में प्रतिदिन करीब 80 से 100 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सात महीने से वेतन नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है और परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है।कर्मचारियों ने खूंटी सांसद कालीचरण मुंडा को पत्र लिखकर बकाया मानदेय के भुगतान की मांग की है। उनका आरोप है कि सिटिजन फाउंडेशन ने पिछले 20 महीने के कार्यकाल में उन्हें केवल तीन बार भुगतान किया गया है। वहीं, सफाईकर्मी जयवंती सोय ने बकाया वेतन के भुगतान के साथ मानदेय बढ़ाने की भी मांग की गई थी लेकिन मानदेय का भी बढ़ोतरी नहीं है है । वही मानदेय के। मामले में कर्मचारियों ने बताया कि, बार-बार आश्वासन के बावजूद अब तक भुगतान नहीं किया गया है।