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28 Sep 2026•
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संस्थागत प्रसव शत-प्रतिशत कराने का लक्ष्य, 57 एम्बुलेंस से प्रतिदिन 300 कॉल का निर्देश

✍️ Reporter: Raju Choudhary 🗓 28 Sep 2026, 04:00 PM 👁 11
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संस्थागत प्रसव शत-प्रतिशत कराने का लक्ष्य, 57 एम्बुलेंस से प्रतिदिन 300 कॉल का निर्देश

कटिहार, 26 सितंबर। स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा को लेकर शनिवार को उप विकास आयुक्त महोदया की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मातृत्व स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, ANC, HRP, परिवार नियोजन, NCD, EHR एवं एम्बुलेंस सेवाओं की गहन समीक्षा की गई।

उप विकास आयुक्त महोदया ने सभी MOIC, BHM एवं BCM को शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। गर्भवती महिलाओं की चारों ANC जांच, विशेषकर चौथी ANC के बाद नियमित फॉलोअप तथा High Risk Pregnancy (HRP) मामलों की विशेष निगरानी करने को कहा गया, ताकि समय पर रेफरल एवं सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित हो सके।

बैठक में सभी स्वास्थ्य संस्थानों के IPD एवं OPD मरीजों की Electronic Health Record (EHR) में शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। मातृत्व स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार लाने के साथ-साथ जिले में अपेक्षाकृत अधिक TFR को ध्यान में रखते हुए परिवार नियोजन कार्यक्रम को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इसके लिए परिवार नियोजन की अलग से समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में बलरामपुर एवं बारसोई में संचालित पायलट प्रोजेक्ट की भी समीक्षा की गई। निर्देश दिया गया कि स्वास्थ्य विभाग, ICDS एवं जीविका के समन्वय से सभी प्रखंडों में तीन-तीन पंचायतों का चयन कर तीन माह के पायलट प्रोजेक्ट के दौरान Home Delivery को शून्य एवं Institutional Delivery को शत-प्रतिशत करने का प्रयास किया जाए। प्रत्येक बुधवार आयोजित संध्या चौपाल को इस अभियान के प्रभावी संवाद एवं जन-जागरूकता का माध्यम बनाने पर भी जोर दिया गया।

एम्बुलेंस सेवा के कम उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए उप विकास आयुक्त महोदया ने सभी एम्बुलेंस का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। समीक्षा में एक एम्बुलेंस का औसत ट्रिप 2.1 पाया गया। जिले में संचालित 57 एम्बुलेंस के लिए प्रतिदिन न्यूनतम 5 कॉल प्रति एम्बुलेंस, अर्थात लगभग 300 कॉल प्रतिदिन, का लक्ष्य रखते हुए इसकी नियमित मॉनिटरिंग एवं समीक्षा का निर्देश दिया गया।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार के लिए ANC से लेकर HRP फॉलोअप, संस्थागत प्रसव, रेफरल एवं एम्बुलेंस सेवा तक पूरी स्वास्थ्य सेवा श्रृंखला को प्रभावी बनाना आवश्यक है।
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