📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Drskjains
खेल
सरण्श जैन ने कैंसर पर काबू पाकर टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया, बेटे को भारत में खेलते देखना चाहते थे
✍️ The Times of India
🗓 23 अग. 2026, 12:38 PM
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कैंसर से लड़ते हुए सरण्श जैन ने टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू हासिल किया, ताकि वह अपने बेटे को भारत के लिए खेलते देख सकें।
वर्तमान में कैंसर से लड़ते हुए सरण्श जैन ने भारतीय टेस्ट स्क्वॉड में जगह पाई, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण चरण है। कई महीनों की इलाज‑पुनर्वास और घरेलू क्रिकेट में कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने फिर से मैदान में कदम रखा।
जैन ने अपने इस वापसी के पीछे का मुख्य कारण बताया – अपने बेटे को भारत के लिए खेलते देखना। यह भावनात्मक प्रेरणा उनके प्रशिक्षण में नई ऊर्जा लेकर आई, जहाँ उन्होंने स्वास्थ्य सुधार के साथ‑साथ उच्च स्तर की क्रिकेट की माँगों को भी पूरा किया।
क्रिकेट जगत ने उनकी दृढ़ता की सराहना की है, यह कहते हुए कि उनका सफर खेल के बाहर भी साहस और दृढ़ता का उदाहरण है। जैन का टेस्ट डेब्यू आगामी श्रृंखला में तय है, जहाँ वह बैटिंग और एक रोल मॉडल के रूप में अपने परिवार और युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करने की आशा रखते हैं।
उनकी कहानी यह भी दर्शाती है कि खिलाड़ी स्वास्थ्य संकट का सामना कैसे करते हैं और किस प्रकार समर्थन प्रणाली उन्हें फिर से प्रतिस्पर्धा में लौटने में मदद करती है। जैन का लक्ष्य सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि अपने बेटे के क्रिकेट सपनों को साकार होते देखना भी है।
जैन ने अपने इस वापसी के पीछे का मुख्य कारण बताया – अपने बेटे को भारत के लिए खेलते देखना। यह भावनात्मक प्रेरणा उनके प्रशिक्षण में नई ऊर्जा लेकर आई, जहाँ उन्होंने स्वास्थ्य सुधार के साथ‑साथ उच्च स्तर की क्रिकेट की माँगों को भी पूरा किया।
क्रिकेट जगत ने उनकी दृढ़ता की सराहना की है, यह कहते हुए कि उनका सफर खेल के बाहर भी साहस और दृढ़ता का उदाहरण है। जैन का टेस्ट डेब्यू आगामी श्रृंखला में तय है, जहाँ वह बैटिंग और एक रोल मॉडल के रूप में अपने परिवार और युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करने की आशा रखते हैं।
उनकी कहानी यह भी दर्शाती है कि खिलाड़ी स्वास्थ्य संकट का सामना कैसे करते हैं और किस प्रकार समर्थन प्रणाली उन्हें फिर से प्रतिस्पर्धा में लौटने में मदद करती है। जैन का लक्ष्य सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि अपने बेटे के क्रिकेट सपनों को साकार होते देखना भी है।