स्थानीय
सरकारी खलिहान की जमीन पर गन्ने की फसल कटने का मामला: प्रशासनिक कार्यशैली पर उठे सवाल
हैदराबाद थाना क्षेत्र में सरकारी खलिहान की भूमि पर गन्ने की फसल कटने के आरोप के बाद प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता ने समय पर कार्रवाई न होने का आरोप लगाया है।
हैदराबाद थाना क्षेत्र में सरकारी खलिहान की भूमि पर गन्ने की फसल कटने के मामले में अब प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय निवासी अय्यूब अली पुत्र मुमताज अली ने आरोप लगाया है कि सरकारी खलिहान की जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल को काट लिया गया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, यह मामला गाटा संख्या 489 की सरकारी खलिहान भूमि से संबंधित है। उन्होंने हलका लेखपाल मनोज वर्मा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि राजस्व विभाग ने समय रहते उचित कदम उठाए होते, तो कथित अवैध फसल कटाई की जांच और आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी हो सकती थी।
अय्यूब अली ने पूर्व में जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत संख्या 41015326000240 का हवाला देते हुए प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और राजस्व अभिलेखों की निगरानी संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में, फसल कटने के इस मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इस घटना ने प्रशासनिक निगरानी पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। यह सवाल उठ रहा है कि सरकारी खलिहान की भूमि पर फसल कैसे उगाई गई और उसके कटने से पहले संबंधित अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की? शिकायत दर्ज होने के बावजूद अब तक क्या कदम उठाए गए हैं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, यह मामला गाटा संख्या 489 की सरकारी खलिहान भूमि से संबंधित है। उन्होंने हलका लेखपाल मनोज वर्मा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि राजस्व विभाग ने समय रहते उचित कदम उठाए होते, तो कथित अवैध फसल कटाई की जांच और आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी हो सकती थी।
अय्यूब अली ने पूर्व में जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत संख्या 41015326000240 का हवाला देते हुए प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और राजस्व अभिलेखों की निगरानी संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में, फसल कटने के इस मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इस घटना ने प्रशासनिक निगरानी पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। यह सवाल उठ रहा है कि सरकारी खलिहान की भूमि पर फसल कैसे उगाई गई और उसके कटने से पहले संबंधित अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की? शिकायत दर्ज होने के बावजूद अब तक क्या कदम उठाए गए हैं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।