स्थानीय
समस्तीपुर के विभूतिपुर में आसमान से गिरा 'Made in Korea' लिखा उपकरण, पुलिस ने किया कब्जा
बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड में आसमान से एक अज्ञात चमकता हुआ उपकरण गिरा, जिस पर 'Made in Korea' लिखा था। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उपकरण को अपने कब्जे में ले लिया है।
बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड स्थित बेलसंडी डीह गांव में गुरुवार, 22 अक्टूबर की देर शाम आसमान से एक अज्ञात चमकता हुआ उपकरण गिरने से ग्रामीणों के बीच हलचल मच गई। स्थानीय निवासी बंशीधर मिश्र के दरवाजे के पास गिरने वाले इस उपकरण पर 'Made in Korea' लिखा होने और उसमें लाइट जलने की बात सामने आई, जिसके बाद लोग इसे देखने के लिए जुट गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा के लिहाज से उपकरण को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस की शुरुआती जानकारी में संकेत दिया गया है कि यह उपकरण भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले रेडियोसॉन्ड जैसा हो सकता है। रेडियोसॉन्ड एक वैज्ञानिक यंत्र है जिसे मौसम संबंधी गुब्बारे के साथ वायुमंडल में भेजा जाता है ताकि तापमान, वायुदाब और आर्द्रता जैसे आंकड़े जुटाए जा सकें। मौसम संबंधी गुब्बारा ऊंचाई पर पहुंचने के बाद फट सकता है, जिसके बाद उससे जुड़ा उपकरण नीचे आ जाता है। हालांकि, उपकरण पर लिखे 'Made in Korea' शब्दों के कारण लोगों में इसके स्रोत को लेकर सवाल उठे हैं, लेकिन केवल इस लिखावट के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि यह किस संस्था का है।
अज्ञात उपकरण मिलने के बाद कुछ लोगों ने इसके जासूसी से जुड़े होने की आशंका जताई, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसी आशंका की पुष्टि करने वाला कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों के अनुसार, जांच पूरी होने से पहले इसे जासूसी उपकरण या किसी विदेशी गतिविधि से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। अंतिम निष्कर्ष संबंधित विभाग की आधिकारिक तकनीकी जांच के बाद ही निकाला जाना चाहिए।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसी अज्ञात इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को छूना, खोलना या उसकी बैटरी निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसी वस्तु मिलने पर उससे दूरी बनाए रखकर पुलिस या स्थानीय प्रशासन को सूचना देना चाहिए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस की शुरुआती जानकारी में संकेत दिया गया है कि यह उपकरण भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले रेडियोसॉन्ड जैसा हो सकता है। रेडियोसॉन्ड एक वैज्ञानिक यंत्र है जिसे मौसम संबंधी गुब्बारे के साथ वायुमंडल में भेजा जाता है ताकि तापमान, वायुदाब और आर्द्रता जैसे आंकड़े जुटाए जा सकें। मौसम संबंधी गुब्बारा ऊंचाई पर पहुंचने के बाद फट सकता है, जिसके बाद उससे जुड़ा उपकरण नीचे आ जाता है। हालांकि, उपकरण पर लिखे 'Made in Korea' शब्दों के कारण लोगों में इसके स्रोत को लेकर सवाल उठे हैं, लेकिन केवल इस लिखावट के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि यह किस संस्था का है।
अज्ञात उपकरण मिलने के बाद कुछ लोगों ने इसके जासूसी से जुड़े होने की आशंका जताई, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसी आशंका की पुष्टि करने वाला कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों के अनुसार, जांच पूरी होने से पहले इसे जासूसी उपकरण या किसी विदेशी गतिविधि से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। अंतिम निष्कर्ष संबंधित विभाग की आधिकारिक तकनीकी जांच के बाद ही निकाला जाना चाहिए।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसी अज्ञात इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को छूना, खोलना या उसकी बैटरी निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसी वस्तु मिलने पर उससे दूरी बनाए रखकर पुलिस या स्थानीय प्रशासन को सूचना देना चाहिए।