स्थानीय
सुमेरपुर मुख्य बाजार में पटाखों की दुकानों से आग का खतरा, व्यापारियों ने सुरक्षित स्थान की मांग की
दीपावली पर सुमेरपुर के मुख्य बाजार में पटाखों की अस्थाई दुकानें लगने से व्यापारियों में आगजनी की आशंका है। उन्होंने कलेक्टर से सुरक्षित स्थान पर दुकानें आवंटित करने की मांग की है।
सुमेरपुर: दीपावली के अवसर पर पटाखों की बिक्री के लिए सुमेरपुर के मुख्य बाजार में अस्थाई दुकानें आवंटित करने का मुद्दा एक बार फिर सुरक्षा की दृष्टि से चर्चा का विषय बन गया है। गौरतलब है कि हर साल त्योहारों के दौरान मुख्य बाजार में पेट्रोल पंप, कपड़ों की दुकानें, किराणा, मिठाई की दुकानें, होटल, चाय की थड़ियां और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों के आसपास ही पटाखों की दुकानें लगाई जाती हैं।
त्योहारी सीजन में दिनभर ग्राहकों और आम नागरिकों की भारी आवाजाही के बीच इन दुकानों के लगने से व्यापारियों के मन में आग लगने की घटना की आशंका बनी रहती है। यह स्थिति न केवल पटाखा विक्रेताओं के लिए, बल्कि आसपास के दुकानदारों, उनके कर्मचारियों, ग्राहकों और आम राहगीरों के लिए भी जान-माल का गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
इस संभावित खतरे को देखते हुए, स्थानीय व्यापारियों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर पटाखों की दुकानों को मुख्य बाजार से हटाकर किसी खुले और सुरक्षित स्थान पर आवंटित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सकेगा और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
त्योहारी सीजन में दिनभर ग्राहकों और आम नागरिकों की भारी आवाजाही के बीच इन दुकानों के लगने से व्यापारियों के मन में आग लगने की घटना की आशंका बनी रहती है। यह स्थिति न केवल पटाखा विक्रेताओं के लिए, बल्कि आसपास के दुकानदारों, उनके कर्मचारियों, ग्राहकों और आम राहगीरों के लिए भी जान-माल का गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
इस संभावित खतरे को देखते हुए, स्थानीय व्यापारियों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर पटाखों की दुकानों को मुख्य बाजार से हटाकर किसी खुले और सुरक्षित स्थान पर आवंटित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सकेगा और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।