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सिकंदराराऊ के इकबालपुर स्थित राज कमल पब्लिक स्कूल में छात्रों की अभद्र हरकत, प्रधानाचार्य व स्टाफ पर गलत वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर की टिप्पणी, स्कूल ने किया निष्कासित
सिकंदराराऊ के गांव इकबालपुर स्थित राज कमल पब्लिक स्कूल के 2 कक्षा 12 के छात्रों ने फर्जी आईडी बनाकर प्रिंसिपल, उनके परिवार और स्टाफ के फर्जी वीडियो जनरेट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। पहला वीडियो 11 अक्टूबर को डाला गया था। स्कूल प्रबंधन ने सिकंदराराऊ कोतवाली और हाथरस साइबर क्राइम थाने में शिकायत की, जिसके बाद VPN के जरिए ID ट्रेस हुई और दोनों छात्रों को पकड़ा गया। स्कूल से दोनों को रस्टिकेट कर दिया है।
सिकंदराराऊ के गांव इकबालपुर स्थित राज कमल पब्लिक स्कूल में छात्रों द्वारा फर्जी वीडियो बनाकर वायरल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
स्कूल के प्रधानाचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा 12 के दो छात्रों ने एक फर्जी आईडी बनाकर प्रधानाचार्य और स्टाफ के खिलाफ फर्जी वीडियो AI से जनरेट कर सोशल मीडिया पर 11 अक्टूबर 2026 को डाला गया था।वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी वाला वीडियो वायरल किया गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया।
इसकी शिकायत पहले सिकंदराराऊ कोतवाली में की गई, लेकिन VPN के कारण ID ट्रेस नहीं हो पाई। इसके बाद स्कूल प्रबंधक ने हाथरस साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। हाथरस साइबर क्राइम द्वारा VPN ID ट्रेस की गई।साइबर क्राइम की मदद से दोनों छात्रों को पकड़ा गया। पूछताछ के बाद स्कूल प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए दोनों छात्रों को स्कूल से रस्टिकेट कर दिया है।
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, यह कृत्य पूरी तरह से अनुशासनहीनता और स्कूल की गरिमा के खिलाफ है। प्रधानाचार्य ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित छात्रों के अभिभावकों को स्कूल बुलाया और जांच के बाद दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।
स्कूल प्रशासन ने अनुशासन बनाए रखने के लिए दोनों संबंधित बच्चों को स्कूल से निष्कासित कर दिया है। साथ ही अन्य छात्रों को भी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में इस तरह की गतिविधि में शामिल पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानाचार्य ने बताया कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल और शिक्षकों की छवि खराब करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सिकंदरा राऊ से अर्जुन वार्ष्णेय के साथ हर्षित वार्ष्णेय की रिपोर्ट
स्कूल के प्रधानाचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा 12 के दो छात्रों ने एक फर्जी आईडी बनाकर प्रधानाचार्य और स्टाफ के खिलाफ फर्जी वीडियो AI से जनरेट कर सोशल मीडिया पर 11 अक्टूबर 2026 को डाला गया था।वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी वाला वीडियो वायरल किया गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया।
इसकी शिकायत पहले सिकंदराराऊ कोतवाली में की गई, लेकिन VPN के कारण ID ट्रेस नहीं हो पाई। इसके बाद स्कूल प्रबंधक ने हाथरस साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। हाथरस साइबर क्राइम द्वारा VPN ID ट्रेस की गई।साइबर क्राइम की मदद से दोनों छात्रों को पकड़ा गया। पूछताछ के बाद स्कूल प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए दोनों छात्रों को स्कूल से रस्टिकेट कर दिया है।
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, यह कृत्य पूरी तरह से अनुशासनहीनता और स्कूल की गरिमा के खिलाफ है। प्रधानाचार्य ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित छात्रों के अभिभावकों को स्कूल बुलाया और जांच के बाद दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।
स्कूल प्रशासन ने अनुशासन बनाए रखने के लिए दोनों संबंधित बच्चों को स्कूल से निष्कासित कर दिया है। साथ ही अन्य छात्रों को भी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में इस तरह की गतिविधि में शामिल पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानाचार्य ने बताया कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल और शिक्षकों की छवि खराब करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सिकंदरा राऊ से अर्जुन वार्ष्णेय के साथ हर्षित वार्ष्णेय की रिपोर्ट