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सीईओ जिला पंचायत ने दीनपुरा ग्राम पंचायत का निरीक्षण, सचिव को निलंबित किया
22 अक्टूबर को भिंड के सीईओ वीरसिंह चौहान ने दीनपुरा ग्राम पंचायत का आकस्मिक निरीक्षण किया, जहाँ पंचायत भवन बंद, सरपंच और सचिव अनुपस्थित मिले; सचिव को निलंबित कर दिया गया।
22 अक्टूबर को भिंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सीईओ श्री वीरसिंह चौहान ने जनपद पंचायत भिंड की ग्राम पंचायत दीनपुरा का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य पंचायत प्रशासन, सार्वजनिक स्वच्छता, विकास कार्यों की गुणवत्ता और राजस्व वसूली को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ करना था।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पंचायत भवन बंद था और सरपंच, सचिव तथा ग्राम रोजगार सहायक अनुपस्थित थे। सचिव को रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने और अनुपस्थित रहने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
समीक्षा के दौरान शांति धाम तक जाने वाली पुरानी सीसी सड़क की खराब स्थिति और शांति धाम में सफाई व फेंसिंग की कमी पाई गई। यंत्री को कोई नया निर्माण कार्य शुरू न करने का नोटिस जारी किया गया और पुराने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जाँच की जाएगी।
ग्राम भ्रमण के दौरान नालियों में गंदगी और सफाई की कमी पाई गई, जिसके चलते नई संपत्ति कर सहित अन्य करों की वसूली तुरंत प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। अवैध कॉलोनी निर्माण एवं बिना अनुमति मकान निर्माण की जानकारी, लाइसेंस, विकास तथा विक्रय अनुमति मांगी गई; अनुपलब्ध होने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सीईओ ने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य दंड नहीं, बल्कि ग्रामीणों को बेहतर सड़क, स्वच्छता, पारदर्शी राजस्व व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य उपलब्ध कराना है।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पंचायत भवन बंद था और सरपंच, सचिव तथा ग्राम रोजगार सहायक अनुपस्थित थे। सचिव को रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने और अनुपस्थित रहने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
समीक्षा के दौरान शांति धाम तक जाने वाली पुरानी सीसी सड़क की खराब स्थिति और शांति धाम में सफाई व फेंसिंग की कमी पाई गई। यंत्री को कोई नया निर्माण कार्य शुरू न करने का नोटिस जारी किया गया और पुराने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जाँच की जाएगी।
ग्राम भ्रमण के दौरान नालियों में गंदगी और सफाई की कमी पाई गई, जिसके चलते नई संपत्ति कर सहित अन्य करों की वसूली तुरंत प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। अवैध कॉलोनी निर्माण एवं बिना अनुमति मकान निर्माण की जानकारी, लाइसेंस, विकास तथा विक्रय अनुमति मांगी गई; अनुपलब्ध होने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सीईओ ने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य दंड नहीं, बल्कि ग्रामीणों को बेहतर सड़क, स्वच्छता, पारदर्शी राजस्व व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य उपलब्ध कराना है।