धर्म
सोई कलां में शारदीय नवरात्र के उपलक्ष्य में वैदिक हवन अनुष्ठान का आयोजन
ग्राम सोई कलां के आर्य समाज प्रांगण में शारदीय नवरात्र की प्रथमा तिथि पर मां शैलपुत्री की मान्यता हेतु एक भव्य वैदिक हवन अनुष्ठान का आयोजन किया गया, जिसमें आर्य समा के पदाधिकारियों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आज दिनांक 11 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्र की प्रथमा तिथि के पावन अवसर पर ग्राम सोई कलां के आर्य समाज प्रांगण में मां शैलपुत्री की मान्यता के प्रति गहरी आस्था को व्यक्त करते हुए एक भव्य वैदिक हवन अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस अनुष्ठान में आर्य समाज के सभी पदाधिकारी गणों के साथ-साथ ग्राम के वृद्धजन, युवा, मातृ शक्ति और छोटे बालक-बालिकाओं ने भी पूर्ण श्रद्धा, समर्पण, त्याग और सेवा भाव से भाग लेकर इसे सफल बनाया।
इस पवित्र कर्म यज्ञ का संचालन यज्ञ ब्रह्मा श्री पवन जी गौर शास्त्री जी ने किया। उन्होंने सभी उपस्थित जनों को आचमन और यज्ञोपवीत धारण कराकर यज्ञ का शुभारंभ कराया। तत्पश्चात, वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ शुद्ध घृत और लाभकारी ओषधियों से यजुर्वेद और सामवेद के 100 मंत्रों की आहुतियां प्रदान की गईं। यह अनुष्ठान पूर्ण विधि-विधान और वैदिक परंपराओं के अनुसार संपन्न हुआ।
अनुष्ठान के समापन पर, पवन विद्यार्थी द्वारा प्रस्तुत किए गए वैदिक भजनों ने सभी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके उपरांत, यज्ञ प्रार्थना और शांति पाठ के साथ इस पवित्र कार्य का समापन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में आर्य जन उपस्थित रहे और सभी ने पूर्ण श्रद्धा भाव के साथ इस यज्ञ में भाग लिया।
इस पवित्र कर्म यज्ञ का संचालन यज्ञ ब्रह्मा श्री पवन जी गौर शास्त्री जी ने किया। उन्होंने सभी उपस्थित जनों को आचमन और यज्ञोपवीत धारण कराकर यज्ञ का शुभारंभ कराया। तत्पश्चात, वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ शुद्ध घृत और लाभकारी ओषधियों से यजुर्वेद और सामवेद के 100 मंत्रों की आहुतियां प्रदान की गईं। यह अनुष्ठान पूर्ण विधि-विधान और वैदिक परंपराओं के अनुसार संपन्न हुआ।
अनुष्ठान के समापन पर, पवन विद्यार्थी द्वारा प्रस्तुत किए गए वैदिक भजनों ने सभी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके उपरांत, यज्ञ प्रार्थना और शांति पाठ के साथ इस पवित्र कार्य का समापन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में आर्य जन उपस्थित रहे और सभी ने पूर्ण श्रद्धा भाव के साथ इस यज्ञ में भाग लिया।