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सिंहस्थ 2028 के लिए इंदौर‑उज्जैन सीमावर्ती जिलों में बड़े होल्डिंग एरिया स्थापित
उज्जैन‑इंदौर संभाग के सीमावर्ती जिलों में सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं के प्रवाह को सुगम बनाने हेतु कई हेक्टेयर में होल्डिंग एरिया निर्धारित किए गए।
उज्जैन, 5 अक्टूबर को संभागायुक्त श्री आशीष सिंह और एडीजी श्री राकेश गुप्ता ने इंदौर‑उज्जैन संभाग के सीमावर्ती जिलों में सिंहस्थ 2028 के लिये ट्रैफिक नियंत्रण व श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु बड़े होल्डिंग एरिया बनाने का निर्णय किया। इस उद्देश्य से उज्जैन संभाग के सभी कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ प्रत्यक्ष बैठक तथा इंदौर, धार, सीहोर जिलों के कलेक्टरों के साथ ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया।
बैठक में शाजापुर, रतलाम, देवास, नीमच जिलों के होल्डिंग प्लान को अंतिम रूप दिया गया तथा शेष जिलों से एक सप्ताह के भीतर योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। इंदौर कलेक्टर ने बताया कि भंवरासा, बरलाई, खंडवा रोड तथा धार रोड पर होल्डिंग एरिया प्रस्तावित किए गए हैं। नई बन रही इंदौर‑उज्जैन ग्रीन फील्ड हाईवे पर भी स्थान चिन्हित करने का आदेश दिया गया।
सीहोर जिले में कुल 10 होल्डिंग एरिया, जिनमें 7 बड़े, 119 हेक्टेयर में स्थापित किए जाएंगे; आष्टा, सीहोर, डोडी आदि स्थानों पर ये एरिया स्थित होंगे। धार जिले में कलमाड़ा खुर्द, बदनावर, मसावदा, केसूर में 104 हेक्टेयर में होल्डिंग प्रस्तावित है। नीमच के नयागांव तथा रतलाम के तीन स्थानों पर कुल 27 हेक्टेयर में एरिया बनेंगे। देवास में चार एरिया (गोपाल चौराहा, सोनकच्छ, शिप्रा, राजोदा, चापड़ा) तथा मंदसौर में 54 हेक्टेयर में तीन स्थान चिन्हित किए गए हैं।
सभी होल्डिंग एरिया उज्जैन की ओर आने वाले मार्गों की बायीं ओर स्थित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं के प्रवाह में व्यवधान कम हो और ट्रैफिक नियंत्रण बेहतर हो सके। यह योजना सिंहस्थ 2028 के दौरान सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिये तैयार की गई है।
बैठक में शाजापुर, रतलाम, देवास, नीमच जिलों के होल्डिंग प्लान को अंतिम रूप दिया गया तथा शेष जिलों से एक सप्ताह के भीतर योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। इंदौर कलेक्टर ने बताया कि भंवरासा, बरलाई, खंडवा रोड तथा धार रोड पर होल्डिंग एरिया प्रस्तावित किए गए हैं। नई बन रही इंदौर‑उज्जैन ग्रीन फील्ड हाईवे पर भी स्थान चिन्हित करने का आदेश दिया गया।
सीहोर जिले में कुल 10 होल्डिंग एरिया, जिनमें 7 बड़े, 119 हेक्टेयर में स्थापित किए जाएंगे; आष्टा, सीहोर, डोडी आदि स्थानों पर ये एरिया स्थित होंगे। धार जिले में कलमाड़ा खुर्द, बदनावर, मसावदा, केसूर में 104 हेक्टेयर में होल्डिंग प्रस्तावित है। नीमच के नयागांव तथा रतलाम के तीन स्थानों पर कुल 27 हेक्टेयर में एरिया बनेंगे। देवास में चार एरिया (गोपाल चौराहा, सोनकच्छ, शिप्रा, राजोदा, चापड़ा) तथा मंदसौर में 54 हेक्टेयर में तीन स्थान चिन्हित किए गए हैं।
सभी होल्डिंग एरिया उज्जैन की ओर आने वाले मार्गों की बायीं ओर स्थित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं के प्रवाह में व्यवधान कम हो और ट्रैफिक नियंत्रण बेहतर हो सके। यह योजना सिंहस्थ 2028 के दौरान सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिये तैयार की गई है।