Crime
सहारनपुर: गर्भवती महिला से गैंगरेप मामले में इंस्पेक्टर और दरोगा को उम्रकैद
सहारनपुर की एक अदालत ने 11 साल पुराने चर्चित मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी बृजमोहन यादव और एसएसआई वेदपाल सिंह को ढाई महीने की गर्भवती महिला से गैंगरेप करने और उसके पति को फर्जी मुकदमे में फंसाने के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई है।
सहारनपुर के देवबंद में 11 साल पुराने एक चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने तत्कालीन थाना प्रभारी बृजमोहन यादव और तत्कालीन एसएसआई वेदपाल सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला 6 अगस्त 2015 का है, जब ढाई महीने की गर्भवती एक महिला अपने पति को फर्जी मुकदमे में जेल भेजे जाने के बाद उसे छुड़ाने की गुहार लेकर कोतवाली गई थी।
आरोप है कि कोतवाली में तत्कालीन थाना प्रभारी बृजमोहन यादव और एसएसआई वेदपाल सिंह ने महिला के साथ सरकारी आवास में सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। पीड़िता को न्याय के लिए लंबी और कठिन लड़ाई लड़नी पड़ी।
सीबीआई (CB-CID) की क्लीन चिट मिलने के बावजूद पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी और अकेले ही 11 साल तक कानूनी लड़ाई जारी रखी। आखिरकार, अदालत ने दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाकर न्याय प्रदान किया। इस फैसले ने यह साबित कर दिया है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराध करने वाले को सजा मिलकर रहती है।
आरोप है कि कोतवाली में तत्कालीन थाना प्रभारी बृजमोहन यादव और एसएसआई वेदपाल सिंह ने महिला के साथ सरकारी आवास में सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। पीड़िता को न्याय के लिए लंबी और कठिन लड़ाई लड़नी पड़ी।
सीबीआई (CB-CID) की क्लीन चिट मिलने के बावजूद पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी और अकेले ही 11 साल तक कानूनी लड़ाई जारी रखी। आखिरकार, अदालत ने दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाकर न्याय प्रदान किया। इस फैसले ने यह साबित कर दिया है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराध करने वाले को सजा मिलकर रहती है।