सोहागपुर में खाकी पर गंभीर आरोप: मवेशी वसूली, अवैध रेत उत्खनन और शराब कारोबार को संरक्षण देने के लगे आरोप
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सोहागपुर में खाकी पर गंभीर आरोप: मवेशी वसूली, अवैध रेत उत्खनन और शराब कारोबार को संरक्षण देने के लगे आरोप
सोहागपुर। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था कायम रखने की जिम्मेदारी संभालने वाली पुलिस ही अब सवालों के घेरे में आ गई है। सोहागपुर थाना क्षेत्र में लगातार फल-फूल रहे अवैध कारोबार और उसमें थाने के कर्मचारियों (कमांडो) की कथित संलिप्तता को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। आरोपों के मुताबिक, क्षेत्र में मवेशी तस्करी, अवैध रेत उत्खनन और अवैध शराब का कारोबार खुलेआम पैर पसार चुका है।
सूत्रों एवं स्थानीय शिकायतों के अनुसार, सोहागपुर थाना क्षेत्र से रोजाना गुजरने वाले अवैध मवेशियों से भरे वाहनों और रेत के ओवरलोड डंपरों से कथित तौर पर एंट्री फीस के नाम पर मोटी वसूली की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि थाने के कुछ खास कर्मचारी और कमांडो इन अवैध गतिविधियों के मुख्य सूत्रधार बने हुए हैं। हर छोटे-बड़े गैर-कानूनी काम को संरक्षण देने के बदले वसूली का खेल बदस्तूर जारी है, जिससे रेत माफिया और शराब तस्कर बेखौफ होकर अपने मंसूबों को अंजाम दे रहे हैं।
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि अवैध शराब की पैकारी और नदियों से दिन-रात हो रहे अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें बार-बार करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति कर दी जाती है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा संदेह पैदा होता है।
इस पूरे मामले को लेकर अब वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी की जा रही है। क्षेत्रवासियों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि सोहागपुर थाने के संदिग्ध कर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अवैध कारोबार पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
सोहागपुर। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था कायम रखने की जिम्मेदारी संभालने वाली पुलिस ही अब सवालों के घेरे में आ गई है। सोहागपुर थाना क्षेत्र में लगातार फल-फूल रहे अवैध कारोबार और उसमें थाने के कर्मचारियों (कमांडो) की कथित संलिप्तता को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। आरोपों के मुताबिक, क्षेत्र में मवेशी तस्करी, अवैध रेत उत्खनन और अवैध शराब का कारोबार खुलेआम पैर पसार चुका है।
सूत्रों एवं स्थानीय शिकायतों के अनुसार, सोहागपुर थाना क्षेत्र से रोजाना गुजरने वाले अवैध मवेशियों से भरे वाहनों और रेत के ओवरलोड डंपरों से कथित तौर पर एंट्री फीस के नाम पर मोटी वसूली की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि थाने के कुछ खास कर्मचारी और कमांडो इन अवैध गतिविधियों के मुख्य सूत्रधार बने हुए हैं। हर छोटे-बड़े गैर-कानूनी काम को संरक्षण देने के बदले वसूली का खेल बदस्तूर जारी है, जिससे रेत माफिया और शराब तस्कर बेखौफ होकर अपने मंसूबों को अंजाम दे रहे हैं।
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि अवैध शराब की पैकारी और नदियों से दिन-रात हो रहे अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें बार-बार करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति कर दी जाती है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा संदेह पैदा होता है।
इस पूरे मामले को लेकर अब वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी की जा रही है। क्षेत्रवासियों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि सोहागपुर थाने के संदिग्ध कर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अवैध कारोबार पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।