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16 सित. 2026
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सुरक्षा के कारण अरुणाचल में जलविद्युत परियोजनाओं पर पुनर्विचार
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prince Waqar Jalbai
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सुरक्षा के कारण अरुणाचल में जलविद्युत परियोजनाओं पर पुनर्विचार

✍️ Counterview 🗓 02 सित. 2026, 12:37 PM 👁 21
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विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अरुणाचल की नाजुक भू‑रचना जलविद्युत परियोजनाओं को जोखिमपूर्ण बनाती है, इसलिए सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की गई है।

पर्यावरणविद् और अभियंता एकजुट होकर अरुणाचल प्रदेश में बड़े जलविद्युत परियोजनाओं को रोकने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि सुरक्षा से जुड़ी चिंताएँ अभी भी अनसुलझी हैं। इस क्षेत्र की कठिन भू‑रचना के कारण बांध निर्माण और संचालन में विशेष जोखिम है।

अरुणाचल की तीव्र ढलान, उच्च भूकंपीय गतिविधि और समृद्ध जैव विविधता इसे एक नाजुक पर्यावरण बनाती है, जहाँ किसी भी संरचनात्मक विफलता से भूस्खलन, बाढ़ और दीर्घकालिक पारिस्थितिक क्षति हो सकती है। आपातकालीन प्रतिक्रिया की सीमित पहुंच इन जोखिमों को और बढ़ाती है।

हितधारक सुझाव देते हैं कि नीति निर्माताओं को कठोर सुरक्षा ऑडिट करने, छोटे‑स्तर के रन‑ऑफ़‑द‑रिवर डिज़ाइन अपनाने या सौर व पवन जैसी वैकल्पिक नवीकरणीय ऊर्जा विकल्पों पर विचार करने की आवश्यकता है। मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ऊर्जा विकास स्थानीय समुदायों की सुरक्षा या पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता को प्रभावित न करे।
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