📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / PIB India
टेक्नोलॉजी
एस प्रकाश ने विकसित छत्तीसगढ़ 2026 में ग्रामीण कनेक्टिविटी, ई‑वी और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट पर प्रकाश डाला
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🗓 18 सित. 2026, 10:16 PM
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विकसित छत्तीसगढ़ 2026 सम्मेलन में एस प्रकाश ने ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने, इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने और सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए योजनाओं की रूपरेखा पेश की।
एस प्रकाश ने विकसित छत्तीसगढ़ 2026 विकास शिखर सम्मेलन में ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल और भौतिक अंतर को पाटने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दूरदराज़ गाँवों में ब्रॉडबैंड और सड़कों के नेटवर्क का विस्तार प्राथमिकता बना रही है, जिससे सेवाओं और बाजारों तक बेहतर पहुंच संभव हो सके।
वक्ता ने इलेक्ट्रिक वाहन (ई‑वी) को राज्य की जलवायु और ऊर्जा रणनीति का मुख्य स्तंभ बताया। उन्होंने बताया कि ई‑वी निर्माताओं के लिए प्रोत्साहन, खरीदारों के लिए सब्सिडी और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेज़ी से विकास किया जा रहा है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों उपयोगकर्ताओं के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी व्यावहारिक बन सके।
प्रकाश ने स्मार्ट सार्वजनिक परिवहन के प्रस्ताव भी रखे, जिसमें जीपीएस‑सक्षम बसें, एकीकृत टिकटिंग और वास्तविक‑समय यात्री सूचना प्रणाली शामिल है। इन उपायों से विश्वसनीयता बढ़ेगी, भीड़ कम होगी और छत्तीसगढ़ के बढ़ते शहरी क्षेत्रों में उत्सर्जन घटेगा।
विस्तृत समय‑सीमा नहीं बताई गई, पर प्रकाश ने आश्वासन दिया कि ये पहलों को केंद्र सरकार की योजनाओं और निजी भागीदारों के साथ समन्वयित किया जाएगा, ताकि शीघ्र कार्यान्वयन हो सके।
इन बयानों को राज्य के सतत विकास मार्गदर्शन के व्यापक चर्चा के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे छत्तीसगढ़ को ग्रामीण‑केन्द्रित, प्रौद्योगिकी‑आधारित विकास का मॉडल स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।
वक्ता ने इलेक्ट्रिक वाहन (ई‑वी) को राज्य की जलवायु और ऊर्जा रणनीति का मुख्य स्तंभ बताया। उन्होंने बताया कि ई‑वी निर्माताओं के लिए प्रोत्साहन, खरीदारों के लिए सब्सिडी और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेज़ी से विकास किया जा रहा है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों उपयोगकर्ताओं के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी व्यावहारिक बन सके।
प्रकाश ने स्मार्ट सार्वजनिक परिवहन के प्रस्ताव भी रखे, जिसमें जीपीएस‑सक्षम बसें, एकीकृत टिकटिंग और वास्तविक‑समय यात्री सूचना प्रणाली शामिल है। इन उपायों से विश्वसनीयता बढ़ेगी, भीड़ कम होगी और छत्तीसगढ़ के बढ़ते शहरी क्षेत्रों में उत्सर्जन घटेगा।
विस्तृत समय‑सीमा नहीं बताई गई, पर प्रकाश ने आश्वासन दिया कि ये पहलों को केंद्र सरकार की योजनाओं और निजी भागीदारों के साथ समन्वयित किया जाएगा, ताकि शीघ्र कार्यान्वयन हो सके।
इन बयानों को राज्य के सतत विकास मार्गदर्शन के व्यापक चर्चा के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे छत्तीसगढ़ को ग्रामीण‑केन्द्रित, प्रौद्योगिकी‑आधारित विकास का मॉडल स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।