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06 नव. 2026•
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त्रिपुरा के ग्रामीण कारीगरों ने दुर्गा पूजा के लिए मूर्तियों का निर्माण शुरू किया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Rural Development
धर्म

त्रिपुरा के ग्रामीण कारीगरों ने दुर्गा पूजा के लिए मूर्तियों का निर्माण शुरू किया

✍️ TRIPURA STAR NEWS 🗓 14 सित. 2026, 05:36 AM 👁 72
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त्रिपुरा के ग्रामीण क्षेत्रों में कारीगर दुर्गा पूजा से पहले पारंपरिक देवी दुर्गा की मूर्तियों को तैयार कर रहे हैं।

त्रिपुरा के कई गांवों में कारीगरों ने दुर्गा पूजा के अवसर पर देवी दुर्गा की मिट्टी की मूर्तियों का निर्माण तेज़ी से शुरू कर दिया है। पीढ़ियों से चली आ रही मोल्डिंग और पेंटिंग तकनीकों से वे प्रत्येक प्रतिमा को हाथ से आकार देते हैं, जिससे भक्तों को चाहिए वह बारीकी सुनिश्चित होती है।

मूर्तियों की बढ़ती मांग को देखते हुए कई परिवारों ने इस प्रक्रिया में भाग लेना शुरू कर दिया है; महिलाएँ और बच्चे पॉलिशिंग व सजावट में मदद करते हैं। कारीगरों का कहना है कि पहले से काम शुरू करने से उन्हें कड़े समय‑सीमा को पूरा करने में मदद मिलती है, क्योंकि इस त्यौहार में लाखों श्रद्धालु मंदिरों और पंडालों में भाग लेते हैं।

त्रिपुरा हैंडीक्राफ्ट्स डवलपमेंट बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, इस साल स्थानीय निर्मित दुर्गा मूर्तियों की बिक्री पिछले वर्षों की तुलना में बढ़ी है, जिससे पारंपरिक शिल्प की लोकप्रियता में इज़ाफा दिख रहा है। कारीगर आशा करते हैं कि इस बढ़ते समर्थन से उनका शिल्प त्यौहार के बाद भी जीवित रहेगा।

राज्य के शिल्प विकास विभाग ने भी लॉजिस्टिक मदद का वादा किया है, जिसमें तैयार मूर्तियों को शहरी बाजारों और बड़े पंडालों तक पहुंचाना शामिल है। यह सामूहिक प्रयास त्योहार की सांस्कृतिक और आर्थिक महत्ता को ग्रामीण समुदायों के लिए उजागर करता है।
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