📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
धर्म
इंदौर में 2-4 नवंबर को आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारी मंडल बैठक, सरसंघचालक मोहन भागवत उपस्थित
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 23 अक्टू. 2026, 10:01 AM
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 2 से 4 नवंबर इंदौर में अपनी अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक आयोजित करेगा, जिसमें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत सहित वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे।
इंदौर, मध्य प्रदेश – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने घोषणा की है कि उसका वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल 2, 3 और 4 नवंबर को इंदौर में आयोजित होगा। यह तीन दिवसीय बैठक देश भर के वरिष्ठ पदाधिकारियों को एकत्र कर संगठन की रणनीतियों और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा करेगी।
बैठक का संचालन सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत करेंगे, जो उद्घाटन दिवस में संबोधित करेंगे। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित कई वरिष्ठ नेता भी इस सत्र में भाग लेंगे।
आयोजकों ने बताया कि एजेंडा में संघ के जमीनी नेटवर्क को सुदृढ़ करना, शैक्षिक व सांस्कृतिक पहलों की समीक्षा, और आगामी चुनाव चक्र की तैयारी शामिल होगी। कार्यक्रम की समय‑सारणी और प्रमुख प्रतिभागियों के अलावा कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।
स्थानीय प्राधिकरणों के सहयोग से सुरक्षा और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से चल सके। आरएसएस ने बाहरी वक्ताओं या मीडिया ब्रीफ़िंग की कोई सूचना नहीं दी है।
यह बैठक इंदौर को राष्ट्रीय कार्यकारी सत्र के स्थल के रूप में चुनने का पहला उदाहरण है, जो शहर की क्षेत्रीय पहुँच में बढ़ती महत्ता को दर्शाता है।
बैठक का संचालन सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत करेंगे, जो उद्घाटन दिवस में संबोधित करेंगे। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित कई वरिष्ठ नेता भी इस सत्र में भाग लेंगे।
आयोजकों ने बताया कि एजेंडा में संघ के जमीनी नेटवर्क को सुदृढ़ करना, शैक्षिक व सांस्कृतिक पहलों की समीक्षा, और आगामी चुनाव चक्र की तैयारी शामिल होगी। कार्यक्रम की समय‑सारणी और प्रमुख प्रतिभागियों के अलावा कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।
स्थानीय प्राधिकरणों के सहयोग से सुरक्षा और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से चल सके। आरएसएस ने बाहरी वक्ताओं या मीडिया ब्रीफ़िंग की कोई सूचना नहीं दी है।
यह बैठक इंदौर को राष्ट्रीय कार्यकारी सत्र के स्थल के रूप में चुनने का पहला उदाहरण है, जो शहर की क्षेत्रीय पहुँच में बढ़ती महत्ता को दर्शाता है।