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15 अग. 2026
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कर्नाटक बिल पर RSS ने राजनीतिक जाल से बचने का निर्णय लिया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / CEphoto, Uwe Aranas
राजनीति

कर्नाटक बिल पर RSS ने राजनीतिक जाल से बचने का निर्णय लिया

✍️ News18 🗓 15 अग. 2026, 11:33 AM 👁 2
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राष्ट्रवादी स्वयंसेवक संघ (RSS) ने कर्नाटक में नए बिल को लेकर चल रही राजनीतिक विवाद में हिस्सा न लेने का निर्णय लिया है। संगठन ने अपनी वैचारिक कार्य पर ध्यान केंद्रित करने के कारण राजनीतिक पक्षपात से बचने की बात कही है।

RSS ने कर्नाटक में हाल ही में पेश किए गए बिल पर राजनीतिक बहस में हिस्सा न लेने का निर्णय लिया है। यह निर्णय तब आया जब इस बिल, जो स्थानीय शासन से संबंधित प्रावधानों में बदलाव लाने का लक्ष्य रखता है, का विरोधी दलों ने आलोचना की।

एक संक्षिप्त बयान में RSS के नेतृत्व ने कहा कि संगठन का कार्य वैचारिक मूल्यों और सामाजिक सेवा को बढ़ावा देना है, न कि चुनावी राजनीति में शामिल होना। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि RSS हमेशा विधायी मामलों में तटस्थ रहने का रुख अपनाता है।

राजनीति विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम RSS की गैर-पक्षपाती छवि को बनाए रखने के लिए उठाया गया है, खासकर ऐसे राज्य में जहाँ राजनीतिक गठबंधन बदलते रहते हैं। सरकार ने अभी तक इस घोषणा पर प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि विपक्षी नेताओं ने बिल के प्रभाव पर व्यापक सार्वजनिक चर्चा की मांग की है।

बिल का उद्देश्य पंचायत राज संस्थानों के कार्यों को सुव्यवस्थित करना है, पर आलोचकों का तर्क है कि इससे शक्ति का केंद्रीकरण हो सकता है और स्थानीय स्वायत्तता कमजोर हो सकती है।

RSS का यह निर्णय कर्नाटक में भविष्य के विधायी विवादों में अन्य गैर-सरकारी संगठनों के राजनीतिक दृष्टिकोण पर असर डाल सकता है, और एक मिसाल कायम कर सकता है।
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