📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
राजनीति
इंदौर में आरएसएस की तीन दिवसीय कार्यकारी मंडल बैठक, डॉ. मोहन भागवत भाग लेंगे
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 02 नव. 2026, 08:15 AM
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आरएसएस ने इंदौर में अपनी तीन दिवसीय कार्यकारी मंडल बैठक शुरू की है, जिसमें संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत शामिल हैं और एजेंडा में कान्ह नदी शुद्धिकरण पर विशेष प्रस्तुतीकरण है।
राष्ट्रवादी स्वयंसहाय्य संघ (आरएसएस) ने आज इंदौर में अपनी तीन दिवसीय कार्यकारी मंडल बैठक की शुरुआत की, जिसमें देश‑भर के वरिष्ठ कार्यकारियों ने भाग लिया। यह सत्र इस सप्ताहांत तक चलने वाला है और संघ की रणनीतिक योजनाओं व कार्यात्मक प्राथमिकताओं की समीक्षा के लिये आयोजित किया गया है।
संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत शहर में पहुंचे और उद्घाटन समारोह में भाग लेकर मध्य प्रदेश के महत्व को रेखांकित किया। उनका आगमन स्थानीय स्वयंसेवकों और मीडिया द्वारा ध्यानपूर्वक देखा गया।
बैठक के एजेंडा में कान्ह नदी शुद्धिकरण पर विशेष प्रस्तुतीकरण शामिल है, जिसे आरएसएस अपने पर्यावरणीय पहल के हिस्से के रूप में आगे बढ़ा रहा है। अधिकारियों ने जलधारा की सफाई व पुनरुद्धार के प्रस्तावित उपायों का विवरण दिया।
आयोजकों ने कहा कि सत्र के अंत में सामुदायिक स्तर पर कार्यान्वयन योग्य सिफ़ारिशें तैयार की जाएँगी, जिसमें और अधिक पर्यावरणीय कार्यक्रमों को भी शामिल किया जाएगा। इन सिफ़ारिशों को राष्ट्रीय स्तर पर आरएसएस शाखाओं को प्रसारित किया जाएगा।
यह बैठक मध्य प्रदेश में आरएसएस की विचारधारात्मक चर्चा और व्यावहारिक विकास परियोजनाओं पर निरंतर ध्यान को दर्शाती है।
संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत शहर में पहुंचे और उद्घाटन समारोह में भाग लेकर मध्य प्रदेश के महत्व को रेखांकित किया। उनका आगमन स्थानीय स्वयंसेवकों और मीडिया द्वारा ध्यानपूर्वक देखा गया।
बैठक के एजेंडा में कान्ह नदी शुद्धिकरण पर विशेष प्रस्तुतीकरण शामिल है, जिसे आरएसएस अपने पर्यावरणीय पहल के हिस्से के रूप में आगे बढ़ा रहा है। अधिकारियों ने जलधारा की सफाई व पुनरुद्धार के प्रस्तावित उपायों का विवरण दिया।
आयोजकों ने कहा कि सत्र के अंत में सामुदायिक स्तर पर कार्यान्वयन योग्य सिफ़ारिशें तैयार की जाएँगी, जिसमें और अधिक पर्यावरणीय कार्यक्रमों को भी शामिल किया जाएगा। इन सिफ़ारिशों को राष्ट्रीय स्तर पर आरएसएस शाखाओं को प्रसारित किया जाएगा।
यह बैठक मध्य प्रदेश में आरएसएस की विचारधारात्मक चर्चा और व्यावहारिक विकास परियोजनाओं पर निरंतर ध्यान को दर्शाती है।