📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vishal Dutta
राजनीति
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, भारत की DNA में एकता और विविधता
✍️ Telangana Today
🗓 30 अग. 2026, 12:03 PM
👁 29
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि एकता और विविधता भारत की DNA में निहित हैं, इसे राष्ट्र की मूल पहचान बताया।
आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि एकता और विविधता भारत की DNA में बुनियादी रूप से निहित हैं। यह टिप्पणी तेलंगाना टुडे द्वारा प्रकाशित एक सार्वजनिक भाषण के दौरान की गई।
उनका यह बयान इस विचार को दोहराता है कि विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों और धर्मों को समेटे हुए भारत की ताकत उसकी एकजुटता में निहित है। भागवत ने कहा कि यह द्वैत देश को ऐतिहासिक रूप से चुनौतियों से पार पाकर आगे बढ़ाता आया है और भविष्य में भी ऐसा ही होना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों ने बताया कि यह टिप्पणी आरएसएस के समावेशी राष्ट्रवाद के दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने की दिशा में है, विशेषकर आगामी चुनावी दौर को देखते हुए। जबकि समर्थकों ने इसे भारत की बहुलता की पुष्टि के रूप में सराहा, आलोचकों ने कहा कि इस rhetoric को वास्तविक नीतियों में बदलना आवश्यक है।
उनका यह बयान इस विचार को दोहराता है कि विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों और धर्मों को समेटे हुए भारत की ताकत उसकी एकजुटता में निहित है। भागवत ने कहा कि यह द्वैत देश को ऐतिहासिक रूप से चुनौतियों से पार पाकर आगे बढ़ाता आया है और भविष्य में भी ऐसा ही होना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों ने बताया कि यह टिप्पणी आरएसएस के समावेशी राष्ट्रवाद के दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने की दिशा में है, विशेषकर आगामी चुनावी दौर को देखते हुए। जबकि समर्थकों ने इसे भारत की बहुलता की पुष्टि के रूप में सराहा, आलोचकों ने कहा कि इस rhetoric को वास्तविक नीतियों में बदलना आवश्यक है।