📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A.Murali
शिक्षा
₹250 करोड़ CSR फंड से नीलोर के 26 सरकारी स्कूलों का विकास
✍️ The Hindu
🗓 07 अक्टू. 2026, 07:32 AM
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एक कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी पहल के तहत नीलोर जिले के 26 सरकारी स्कूलों में ₹250 करोड़ निवेश कर बुनियादी ढाँचे और शिक्षण गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाएगा।
एक कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) फंड ₹250 करोड़ के तहत नीलोर जिले के 26 सरकारी स्कूलों का नवीनीकरण किया जाएगा। यह परियोजना राज्य शिक्षा विभाग द्वारा घोषित की गई है, जिसका उद्देश्य कक्षाओं का पुनर्निर्माण, डिजिटल शिक्षण उपकरणों की स्थापना और स्वच्छता सुविधाओं में सुधार करना है।
यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षिक अवसंरचना को बेहतर बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि फंड को चरणों में वितरित किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में संरचनात्मक मरम्मत और बाद के चरणों में प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण सहायता शामिल होगी।
स्थानीय शिक्षा अधिकारियों का अनुमान है कि इन सुधारों से नामांकन बढ़ेगा और ड्रॉपआउट दर घटेगी। जिले के माता-पिता और शिक्षकों ने इस निवेश का स्वागत किया है, यह बताते हुए कि बेहतर सुविधाएँ हजारों छात्रों के लिए सीखने के माहौल को बदल सकती हैं।
यह CSR योगदान एंट्रप्रेन्योर कंपनियों के एक समूह से आया है, जिन्होंने आंध्र प्रदेश के सार्वजनिक स्कूलों का समर्थन करने का वादा किया है। राज्य सरकार प्रगति की निगरानी त्रैमासिक रिपोर्टों के माध्यम से करेगी और आवंटित बजट के पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करेगी।
यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षिक अवसंरचना को बेहतर बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि फंड को चरणों में वितरित किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में संरचनात्मक मरम्मत और बाद के चरणों में प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण सहायता शामिल होगी।
स्थानीय शिक्षा अधिकारियों का अनुमान है कि इन सुधारों से नामांकन बढ़ेगा और ड्रॉपआउट दर घटेगी। जिले के माता-पिता और शिक्षकों ने इस निवेश का स्वागत किया है, यह बताते हुए कि बेहतर सुविधाएँ हजारों छात्रों के लिए सीखने के माहौल को बदल सकती हैं।
यह CSR योगदान एंट्रप्रेन्योर कंपनियों के एक समूह से आया है, जिन्होंने आंध्र प्रदेश के सार्वजनिक स्कूलों का समर्थन करने का वादा किया है। राज्य सरकार प्रगति की निगरानी त्रैमासिक रिपोर्टों के माध्यम से करेगी और आवंटित बजट के पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करेगी।