📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bernard Gagnon
बिज़नेस
रंगपो, सिक्किम में 120 करोड़ रुपये का ट्रांजिट हब‑कमर्शियल कॉम्प्लेक्स
✍️ The Statesman
🗓 13 सित. 2026, 03:48 AM
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सिक्किम सरकार ने रंगपो में 120 करोड़ रुपये के ट्रांजिट हब‑कमर्शियल कॉम्प्लेक्स को मंजूरी दी, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और व्यापार में वृद्धि होगी।
सिक्किम सरकार ने रंगपो शहर में 120 करोड़ रुपये की लागत वाला ट्रांजिट हब‑कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है। यह सुविधा माल के परिवहन को सुगम बनाने के साथ‑साथ स्थानीय उद्यमियों के लिए रिटेल और ऑफिस स्पेस भी प्रदान करेगी। अधिकारियों का कहना है कि हब से माल के हैंडलिंग में तेजी आएगी, परिवहन लागत घटेगी और राज्य के पूर्वी भाग में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना को सार्वजनिक‑निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत लागू किया जाएगा और निर्माण कार्य इस वर्ष के अंत में शुरू होने की संभावना है। पूर्ण होने पर यह कॉम्प्लेक्स रोजगार सृजन करेगा और आसपास के क्षेत्रों में सहायक व्यवसायों को प्रोत्साहित करेगा।
यह निवेश राज्य की बुनियादी ढांचा सुधार और क्षेत्रीय व्यापार मार्गों में सिक्किम की भूमिका को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। ट्रांजिट सेवाओं को वाणिज्यिक सुविधाओं के साथ जोड़कर हब व्यापारियों, पर्यटकों और सेवा प्रदाताओं के लिए एक ही स्थान पर समाधान प्रदान करेगा। स्थानीय अधिकारियों का अनुमान है कि यह विकास मौजूदा मार्गों पर ट्रैफ़िक जाम को कम करेगा, क्योंकि माल की आवाज़ाई एक समर्पित क्षेत्र में होगी।
समय‑सारिणी के बारे में अभी तक विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, पर राज्य ने कहा है कि परियोजना पर्यावरणीय मानदंडों का पालन करेगी ताकि हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशील पारिस्थितिकी को संरक्षित रखा जा सके। हितधारकों के साथ परामर्श चल रहा है ताकि डिजाइन स्थानीय जरूरतों और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप हो।
यह निवेश राज्य की बुनियादी ढांचा सुधार और क्षेत्रीय व्यापार मार्गों में सिक्किम की भूमिका को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। ट्रांजिट सेवाओं को वाणिज्यिक सुविधाओं के साथ जोड़कर हब व्यापारियों, पर्यटकों और सेवा प्रदाताओं के लिए एक ही स्थान पर समाधान प्रदान करेगा। स्थानीय अधिकारियों का अनुमान है कि यह विकास मौजूदा मार्गों पर ट्रैफ़िक जाम को कम करेगा, क्योंकि माल की आवाज़ाई एक समर्पित क्षेत्र में होगी।
समय‑सारिणी के बारे में अभी तक विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, पर राज्य ने कहा है कि परियोजना पर्यावरणीय मानदंडों का पालन करेगी ताकि हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशील पारिस्थितिकी को संरक्षित रखा जा सके। हितधारकों के साथ परामर्श चल रहा है ताकि डिजाइन स्थानीय जरूरतों और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप हो।